छत्तीसगढ़ ब्रेकिंग: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक प्रारंभ,36 संगठनों के प्रमुख रहेंगे उपस्थित

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N.V. न्यूज़ रायपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक आज प्रातः श्री जैनम् मानस भवन, रायपुर में प्रारंभ हुई। बैठक का शुभारंभ सरसंघचालक डा. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन करके किया। बैठक में 36 संगठनों के प्रमुख अखिल भारतीय पदाधिकारी भाग ले रहे हैं।

बैठक में वर्तमान राष्ट्रीय व सामाजिक परिदृश्य, शिक्षा, सेवा, आर्थिक व राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। गौसेवा, ग्राम विकास, पर्यावरण, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता आदि विषयों को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा शुरु हुई। संगठन के विस्तार और विशेष प्रयोगों की जानकारी भी साझा की जाएगी।

बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सभी सह सरकार्यवाह डा. कृष्णगोपाल , डा. मनमोहन वैद्य, अरूण कुमार, मुकुंदा और रामदत्त चक्रधर, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य भय्याजी जोशी, सुरेश सोनी, वी भाग्गया, विद्या भारती के महामंत्री गोविन्द महंती, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री आशीष चौहान, महामंत्री निधि त्रिपाठी, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार, राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका वंदनीया शांतक्का जी, कार्यवाहिका अन्नदानम सीताक्का, सेवा भारती की महामंत्री रेणु पाठक, भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, महामंत्री संगठन बी.एल. संतोष, भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष हिरण्मय पंड्या, संगठन मंत्री बी सुरेन्द्रन, भारतीय किसान संघ के संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी, वनवासी कल्याण आश्रम के अध्यक्ष रामचंद्र खराड़ी, संस्कृत भारती के संगठन मंत्री दिनेश कामत सहित 240 से अधिक कार्यकर्ता उपस्थित हैं।

अनुभवों को करेंगे साझा

आंबेकर ने बताया कि बैठक में संघ के अनुषांगिक संगठनों के लोग अपने-अपने क्षेत्र के अनुभवों को साझा करेंगे। समाज में जो भी वह लक्ष्य रखते हैं, जो भी उपलब्धि पाते हैं उसे भी साझा करते हैं। एक-दूसरे से सीखने और समझने का भी मौका मिलता है। कई संगठनों का लक्ष्य मिलता-जुलता है। जैसे पिछली बार की बैठक में स्वदेशी जागरण मंच ने स्वावलंबी भारत पर काम किया है। इस पर कई संगठन भी काम कर रहे हैं।

संघ की बैठकें चुनावी राज्यों में ही होने के प्रश्न को निराधार बताते हुए आंबेकर ने कहा कि संघ की बैठकें बहुत पहले से ही तय होती है। इसकी योजना पहले से ही चलती रहती है। यह चक्र स्वाभाविक रूप से चलता है। छत्तीसगढ़ से लेकर पूरे देश में संघ के विस्तार पर ध्यान लगा हुआ है। समाज को कैसे जोड़ें, इस पर काम हो रहा है।

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