CGPSC Chairman Vacancy: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में एक महीने से अधिक समय से खाली है अध्यक्ष का पद, इंटरव्यू और कई बड़ी परीक्षाएं अनिश्चितकाल के लिए स्थगित…NV News
Share this
NV News: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) में इन दिनों प्रशासनिक नेतृत्व के अभाव में कामकाज ठप होने की कगार पर पहुंच गया है। आयोग में अध्यक्ष का पद एक महीने से अधिक समय से खाली चल रहा है, जिसके कारण छत्तीसगढ़ की कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाएं, इंटरव्यू और नीतिगत फैसले अटक गए हैं। हालात को देखते हुए आयोग ने नवंबर तक प्रस्तावित सभी परीक्षाओं और साक्षात्कारों को स्थगित कर इसकी आधिकारिक सूचना शासन को दे दी है।
अध्यक्ष पद खाली होने से ठप पड़ी चयन प्रक्रिया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आयोग की पूर्व अध्यक्ष रीता शांडिल्य 8 सितंबर को अपने पद से मुक्त हो चुकी हैं। उनके जाने के बाद से न तो किसी नए अध्यक्ष की नियुक्ति की गई है और न ही किसी सदस्य को कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चूंकि साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया से जुड़े कई अहम नीतिगत फैसले अध्यक्ष स्तर पर ही लिए जाते हैं, इसलिए नेतृत्व न होने के कारण पूरी प्रक्रिया रुक गई है। राजपत्रित अधिकारी संघ ने भी मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जल्द से जल्द अध्यक्ष नियुक्त करने की मांग की है, क्योंकि इससे विभागों में पदोन्नति के मामले भी अटके हुए हैं।
किन-किन परीक्षाओं और साक्षात्कारों पर पड़ा असर:
राज्य सेवा परीक्षा 2025 के इंटरव्यू रुके: सबसे बड़ा झटका वर्ष 2025 की राज्य सेवा भर्ती परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों को लगा है। इनके साक्षात्कार 23 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच होने थे, जिन्हें स्थगित कर दिया गया है। नई तारीखों का ऐलान न होने से हजारों युवा असमंजस में हैं।
पुलिस विभाग की एसआई (SI) भर्ती परीक्षा टली: नवंबर माह में प्रस्तावित पुलिस विभाग के 297 पदों (उप निरीक्षक, सूबेदार और प्लाटून कमांडर) की भर्ती परीक्षा को भी अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है।
लोक निर्माण विभाग (PWD): पीडब्ल्यूडी के 40 पदों के लिए होने वाली परीक्षा भी फिलहाल स्थगित कर दी गई है।
सदस्यों के पद और अभ्यर्थियों की चिंता
वर्तमान में आयोग में डॉ. प्रवीण वर्मा, सरिता उइके और संतकुमार नेताम बतौर सदस्य कार्यरत हैं, जबकि एक अन्य सदस्य का पद भी लंबे समय से रिक्त है। लगातार परीक्षाओं के टलने और भविष्य को लेकर अनिश्चितता के कारण अभ्यर्थियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। युवाओं का कहना है कि परीक्षा तिथियों की स्पष्टता न होने से उनकी तैयारी और मानसिक स्थिति दोनों प्रभावित हो रही है।

