Bhagwat Katha: माया के बंधन से मुक्त होना ही मोक्ष का मार्ग, इन्द्रेश महाराज ने सुनाई कृष्ण बाल लीला…NV News
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NV News रायपुर। मंडी ग्राउंड, देवेन्द्रनगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में भागवताचार्य इन्द्रेश महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और मोक्ष के मार्ग पर प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि भगवान बाहरी सुंदरता, दिखावे या आडंबर को नहीं, बल्कि व्यक्ति के मन, बुद्धि, विचार और सच्ची भक्ति को देखते हैं।
उन्होंने पूतना प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण पूतना जैसी राक्षसी को भी सुख प्रदान कर सकते हैं, तो भक्तों को यह नहीं सोचना चाहिए कि वे भगवान के दर्शन या भक्ति के योग्य नहीं हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से जप, नियम, व्रत और कथा के साथ सच्ची श्रद्धा रखने का आह्वान किया। महाराज ने कहा कि गोपियों की भक्ति और प्रेम सच्चे समर्पण का उदाहरण है।
माया के बंधन से मुक्ति ही मोक्ष
इन्द्रेश महाराज ने कहा कि संसार में किसी भी प्रकार की माया के बंधन में न बंधना ही मोक्ष है। जो व्यक्ति परिस्थितियों और व्यवस्थाओं के बीच स्वयं को ढाल लेता है और बाहरी परिस्थितियां जिसे विचलित नहीं करतीं, वह बंधन से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ता है। उन्होंने आत्मज्ञान को भी मोक्ष प्राप्ति का महत्वपूर्ण मार्ग बताया।
प्रवचन के दौरान गोवर्धन धारण लीला का वर्णन करते हुए उन्होंने इंद्र के अभिमान के प्रसंग को समझाया। उन्होंने कहा कि किसी को भी अभिमान नहीं करना चाहिए। रायपुर में लगातार हो रही बारिश के बीच कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए उन्होंने भक्तों की आस्था की सराहना की। बारिश के कारण पंडाल में कुछ स्थानों पर पानी भरने के बावजूद कथा में श्रद्धालुओं की उपस्थिति बनी रही।
जगन्नाथपुरी से आया महाप्रसाद वितरित
आयोजन में जगन्नाथपुरी से मंगाया गया महाप्रसाद खाजा और निर्माल्य चावल श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया। आयोजन समिति के अनुसार, यह वितरण श्रीमद्भागवत कथा के प्रमुख सेवादारी गुंजन प्रजापति के नेतृत्व में किया गया।
इन्द्रेश महाराज ने लगातार बारिश के बीच कथा में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भले ही बारिश के कारण कई गतिविधियां प्रभावित हुई हों, लेकिन कथा का आयोजन जारी रहा और श्रद्धालुओं की आस्था पर इसका असर नहीं पड़ा।

