Chhattisgarh Culture News: गुदुम बाजा और मोहरी की धुनों से सजा ‘रंग-तरंग’, लोक कलाकारों और बच्चों का बढ़ा उत्साह…NV News
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NV News रायपुर, 2 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं और पारंपरिक वाद्य संगीत की झलक तीन दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन ‘रंग-तरंग’ के दूसरे दिन देखने को मिली। गुदुम बाजा और मोहरी की पारंपरिक धुनों ने आयोजन स्थल को छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति के रंग में रंग दिया। कलाकारों की सुरमयी प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और लोक संगीत की विविधता को जीवंत रूप में सामने रखा। आयोजन 1 से 3 सितंबर तक रायपुर के मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में किया जा रहा है।
कार्यक्रम में पूर्व संस्कृति आयुक्त अनिल कुमार साहू विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने लोक कलाकारों और बच्चों से मुलाकात कर उनकी प्रस्तुतियों और प्रयासों की सराहना की। उन्होंने लोक कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करने के साथ इन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कलाकारों और बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने ऐसे आयोजनों को लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
दूसरे दिन के कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी साहित्य से जुड़े विजय मिश्रा, समाजसेवी उदयभान, वरिष्ठ पत्रकार एवं छायाकार दीपेंद्र दीवान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियों के बीच कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिससे आयोजन स्थल पर लोक संस्कृति की खास छटा देखने को मिली।
‘रंग-तरंग’ के जरिए छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा, साहित्य, संगीत और कला को एक साझा मंच देने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन में पारंपरिक लोकधुनों के साथ संगीत की अलग-अलग विधाओं को भी स्थान दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जा सके।
लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों और पारंपरिक वाद्यों की गूंज ने दूसरे दिन के कार्यक्रम को खास बना दिया। ऐसे आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को लोगों तक पहुंचाते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं से जोड़ने का भी माध्यम बन रहे हैं।

