मूँगेली में स्वीकृत 9 गौधामों का संचालन अटका, बेसहारा गौवंशों से बढ़ रहीं सड़क दुर्घटनाएं ..NV News

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NV News मूंगेली। छत्तीसगढ़ के मूंगेली जिले में गौधाम योजना के तहत स्वीकृत 9 गौधामों का संचालन अब तक शुरू नहीं होने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। गौ सेवा कल्याण समिति मूंगेली ने इस संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सभी स्वीकृत गौधामों का संचालन जल्द शुरू कराने की मांग की है। समिति का कहना है कि गौधामों के शुरू नहीं होने से बड़ी संख्या में बेसहारा गौवंश सड़कों पर घूम रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

समिति के सदस्यों के अनुसार सड़क पर आवारा मवेशियों की मौजूदगी से आए दिन वाहन चालकों और राहगीरों के लिए परेशानी की स्थिति बन रही है। कई स्थानों पर गौवंश सड़क के बीच या किनारे बैठे दिखाई देते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। समिति ने मांग की है कि स्वीकृत सभी 9 गौधामों को जल्द शुरू कर बेसहारा गौवंशों के लिए सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था की जाए।

गौधाम संचालन में लापरवाही का आरोप

गौ सेवा कल्याण समिति ने ज्ञापन के माध्यम से गौधामों के संचालन में कथित लापरवाही की जांच कराने की मांग की है। समिति का आरोप है कि यदि संबंधित समितियों या जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण गौधामों का संचालन अटका हुआ है, तो इसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। समिति ने प्रशासन से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की भी मांग की है।

जिला पंचायत अध्यक्ष पर भी लगाए गंभीर आरोप

ज्ञापन के दौरान समिति की ओर से जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पांडेय को लेकर भी आरोप लगाए गए। समिति का दावा है कि गौधाम योजना के तहत कुछ ऐसी समितियों को जिम्मेदारी दी गई है, जिन्होंने पूर्व में गौ सेवा के क्षेत्र में काम नहीं किया है। वहीं, लंबे समय से गौ सेवा में सक्रिय समितियों को कथित तौर पर नजरअंदाज किए जाने का आरोप लगाया गया है।

समिति ने आरोप लगाया कि कुछ करीबी लोगों को गौधाम योजना के माध्यम से लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। हालांकि, ये आरोप समिति की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। समिति ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

बेसहारा गौवंशों को सुरक्षित आश्रय देने की मांग

समिति का कहना है कि गौधाम योजना का मुख्य उद्देश्य बेसहारा गौवंशों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना और उन्हें सड़कों पर भटकने से रोकना है। ऐसे में जिले में स्वीकृत सभी 9 गौधामों का संचालन जल्द शुरू किया जाना जरूरी है। समिति ने प्रशासन से गौधामों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने और संचालन में आ रही बाधाओं को दूर करने की मांग की है।

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