Jal Jeevan Mission Review: छत्तीसगढ़ में हर घर नल-जल योजना की कलेक्टर कॉन्फ्रेंस; 31 अगस्त तक पूर्ण कार्यों के भौतिक सत्यापन और 31 दिसंबर तक सभी अधूरी योजनाएं पूरी करने के निर्देश….NV News

Share this

NV News रायपुर, 23 जुलाई 2026। राज्य के प्रत्येक ग्रामीण एवं शहरी परिवार तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने के संकल्प के साथ मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से एक उच्चस्तरीय कलेक्टर कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। बैठक में राज्य भर में संचालित ‘हर घर नल – जल जीवन मिशन’ की प्रगति की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि वर्ष 2019 में भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए इस मिशन का मुख्य उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। इससे न केवल महिलाओं का समय बचेगा और जलजनित बीमारियों पर लगाम लगेगी, बल्कि गांवों में ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा।

कलेक्टरों को दिए गए कड़े निर्देश और समय-सीमा (Deadlines)

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी जिला कलेक्टरों को मिशन मोड में कार्य करने के लिए स्पष्ट डेडलाइन और दिशा-निर्देश जारी किए:

31 अगस्त तक सत्यापन और भुगतान: जिन नल-जल योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, उनका 31 अगस्त 2026 तक शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कर ठेकेदारों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

31 दिसंबर की अंतिम समय-सीमा: अधूरी पड़ी सभी नल-जल परियोजनाओं को हर हाल में 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

लापरवाह ठेकेदारों पर गाज: समय पर गुणवत्तापूर्ण कार्य न करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

वैकल्पिक वित्तीय स्रोत: निर्माण कार्यों को गति देने के लिए डीएमएफ (DMF), सांसद निधि, विधायक निधि, सीएसआर (CSR) और अन्य उपलब्ध संसाधनों से वित्तीय व्यवस्था करने को कहा गया है।

जलस्रोत संरक्षण और नियमित मॉनिटरिंग पर जोर

मुख्य सचिव का निर्देश:

ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ पेयजल से किसी भी स्थिति में वंचित नहीं रखा जा सकता। जिन योजनाओं में पुराने स्रोत से पानी देना संभव नहीं है, वहां नए और वैकल्पिक जलस्रोतों की तत्काल पहचान की जाए। साथ ही वाटर रिचार्जिंग और जल संरक्षण के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।

मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को हर माह ‘जिला जल एवं स्वच्छता समिति’ की नियमित बैठकें आयोजित करने और प्रोसीडिंग्स को विभागीय पोर्टल पर तुरंत अपलोड करने के निर्देश दिए। बैठक में सोलर आधारित नल-जल योजनाओं की समीक्षा भी की गई।

इस उच्चस्तरीय वीसी बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, राज्य के सभी जिलों के कलेक्टर तथा विभागीय आला अधिकारी सीधे जुड़े रहे।

Share this

You may have missed