ताश के पत्तों की तरह ढह गया अस्थायी पुल: गुणवत्ता की खुली पोल, ग्रामीणों को अब 20 किमी का चक्कर…NV News
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अंबिकापुर, 20 जुलाई 2026: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के अंबिकापुर से एक निर्माण कार्य में लापरवाही और भ्रष्टाचार की पोल खोलने वाली बड़ी खबर सामने आई है। अंबिकापुर-बैकुंठपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर डुमरिया से केवरा-भैयाथान जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित गोबरी नदी का अस्थायी रपटा पुल सीजन की पहली ही तेज बारिश में ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस घटना के बाद से क्षेत्र के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और लोक निर्माण विभाग (PWD) सेतु संभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन को सुचारू बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग द्वारा लगभग 15 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च कर इस अस्थायी रपटे का निर्माण कराया गया था। इतना ही नहीं, मानसून को देखते हुए हाल ही में इसकी विशेष मरम्मत भी कराई गई थी। लेकिन रविवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद गोबरी नदी के उफान को यह पुल झेल नहीं सका और पानी के तेज बहाव में पूरी तरह बह गया।
रपटा पुल के बह जाने से इलाके का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। इसके कारण डुमरिया, डबरीपारा, शिवप्रसादनगर, खुटरापारा समेत एक दर्जन से अधिक गांवों का मुख्य शहरों से सीधा संपर्क कट गया है। इन ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों के सामने अब आवागमन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों को अब अपने रोजमर्रा के कामों, मेडिकल इमरजेंसी और बाजार जाने के लिए करीब 20 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश व्यक्त करते हुए इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

