CG High Court Decision: मानपुर नक्सल एनकाउंटर में शामिल जवानों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत; ‘आउट ऑफ टर्न’ प्रमोशन पर 150 दिनों में फैसला करने का आदेश….NV News

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NV News बिलासपुर/राजनांदगांव, 11 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने वर्ष 2020 में तत्कालीन राजनांदगांव (अब मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी) जिले के मानपुर क्षेत्र में हुई भीषण नक्सल मुठभेड़ में अदम्य साहस दिखाने वाले तीन आरक्षकों की आउट ऑफ टर्न पदोन्नति (समय-पूर्व प्रमोशन) से जुड़ी याचिका का अंतिम निपटारा कर दिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए पुलिस विभाग को समय-सीमा में कार्रवाई करने को कहा है।

हाई कोर्ट के जज राकेश मोहन पांडे की एकल पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी), राजनांदगांव को स्पष्ट आदेश दिया है कि वे याचिकाकर्ताओं के लंबित अभ्यावेदन (रिप्रेजेंटेशन) पर कानून और लागू नियमों के अनुरूप गंभीरता से विचार करें। कोर्ट ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए 150 दिनों की समय-सीमा तय की है, जिसके भीतर एसपी को कारणयुक्त निर्णय पारित करना अनिवार्य होगा।

क्या है पूरा आउट ऑफ टर्न पदोन्नति मामला?

यह मामला साल 2020 का है, जब मानपुर के जंगलों में पुलिस और प्रतिबंधित नक्सली संगठन के बीच एक बड़ी मुठभेड़ हुई थी:

वीरता का प्रदर्शन: इस एनकाउंटर में शामिल पुलिस बल के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया था। पुलिस विभाग के नियमों के तहत ऐसे असाधारण वीरता के मामलों में शामिल जवानों को ‘आउट ऑफ टर्न प्रमोशन’ देने का प्रावधान है।

अदालत का दरवाजा खटखटाया: मुठभेड़ के लंबे समय बाद भी जब विभाग द्वारा पदोन्नति को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया, तब प्रभावित तीन आरक्षकों ने अपने अधिकारों और उचित सम्मान के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

150 दिनों के भीतर कारण सहित फैसला लेने के निर्देश

एकल पीठ ने मामले की गंभीरता और जवानों के मनोबल को ध्यान में रखते हुए रिट याचिका का निपटारा किया। कोर्ट ने कहा कि आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के 150 दिनों के भीतर राजनांदगांव एसपी को इस पर अंतिम फैसला लेना होगा। यदि किसी कारणवश आवेदन खारिज या स्वीकार होता है, तो उसका स्पष्ट और वैधानिक कारण भी आदेश में उल्लेखित होना चाहिए। इस फैसले के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है और कयास लगाए जा रहे हैं कि लंबे समय से लंबित इस जांबाज जवानों के प्रमोशन का रास्ता अब साफ हो जाएगा।

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