छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़ी राहत: केंद्र ने मंजूर की 46,500 मीट्रिक टन अतिरिक्त डीएपी खाद; सीएम विष्णु देव साय ने पीएम मोदी और जेपी नड्डा का जताया आभार…NV News

Share this

NV News रायपुर, 5 जुलाई 2026। खरीफ सीजन की खेती-किसानी की गतिविधियों के बीच छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने राज्य में खादों की बढ़ती मांग को देखते हुए छत्तीसगढ़ के लिए 46,500 मीट्रिक टन अतिरिक्त डीएपी (डाय-अमोनियम फास्फेट) खाद का विशेष कोटा आवंटित कर दिया है।

इस संकटमोचक फैसले पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा (जेपी नड्डा) के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इसे पूरी तरह किसान हितैषी कदम बताते हुए कहा कि इससे राज्य में कृषि समृद्धि को और अधिक मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री की दिल्ली मुलाकात लाई रंग

इस अतिरिक्त आवंटन की पृष्ठभूमि की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि हाल ही में अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से सौजन्य मुलाकात की थी। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन और खरीफ सीजन की बुआई के मद्देनजर डीएपी खाद की बढ़ती जरूरतों और किसानों की मांग को प्रमुखता से उनके समक्ष रखा था।

मुख्यमंत्री के इस व्यावहारिक अनुरोध पर केंद्रीय मंत्री ने बेहद सकारात्मक रुख अपनाते हुए किसानों के व्यापक हित में त्वरित सहयोग का भरोसा दिया था। इसके महज कुछ ही दिनों के भीतर केंद्र सरकार ने इस पर अमल करते हुए 46,500 मीट्रिक टन की अतिरिक्त खेप को मंजूरी दे दी।

खाद संकट की आशंका खत्म, सुचारू रूप से होगा वितरण

कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस अतिरिक्त कोटे के मिलने से अब छत्तीसगढ़ के किसी भी जिले में डीएपी खाद की कोई कमी नहीं होगी। यह अतिरिक्त डीएपी खाद जल्द ही विभिन्न माध्यमों से सोसायटियों और वितरण केंद्रों तक पहुंचा दी जाएगी, जिससे किसान अपनी जरूरत के अनुसार इसे आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।

साय सरकार का कहना है कि उनकी सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें हर संभव सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। समय पर खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और केंद्र सरकार के इस विशेष सहयोग से प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं को बुआई के इस महत्वपूर्ण समय में बहुत बड़ा संबल मिला है।

Share this

You may have missed