Anti Naxal Operation: कांकेर के आमाटोला जंगल में सुरक्षाबलों की सर्जिकल स्ट्राइक; नक्सलियों का खुफिया डंप तबाह, 4 बंदूकें, वायरलेस सेट और बारूद बरामद…NV News
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NV News- Kanker Naxal News Updates (कांकेर नक्सल समाचार): छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के कांकेर जिले से सुरक्षाबलों को लेकर एक बेहद बड़ी और महत्वपूर्ण कामयाबी की खबर सामने आ रही है। लाल आतंक के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े और आक्रामक अभियान के तहत एंटी-नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों ने नक्सलियों की एक बहुत बड़ी और खौफनाक साजिश को पूरी तरह से नाकाम कर दिया है। जिले के आमाटोला अंचल के घने और दुर्गम जंगलों में चलाए जा रहे एक विशेष सर्च ऑपरेशन (सर्चिंग अभियान) के दौरान जवानों को नक्सलियों का एक बेहद खुफिया और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘हथियार और विस्फोटक डंप’ (Explosive Dump) ढूंढ निकालने में अभूतपूर्व सफलता मिली है। नक्सलियों ने इस गुप्त ठिकाने पर सुरक्षाबलों को बड़ा नुकसान पहुंचाने और आने वाले दिनों में किसी बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम देने के उद्देश्य से भारी मात्रा में घातक हथियार, आधुनिक संचार उपकरण और जानलेवा विस्फोटक सामग्री जमीन के नीचे छिपाकर रखी थी। इस पूरी बड़ी कार्रवाई को कांकेर जिला पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बम डिस्पोजल स्क्वाड (BDS) की एक संयुक्त और मुस्तैद टीम ने अंजाम दिया है। इस डंप की बरामदगी से बस्तर अंचल में सक्रिय नक्सली संगठन के बैकएंड सप्लाई और लॉजिस्टिक नेटवर्क को एक तगड़ा और गहरा झटका लगा है।
कांकेर जिला पुलिस मुख्यालय से मिली आधिकारिक और विस्तृत जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को पिछले कुछ दिनों से यह खुफिया इनपुट मिल रहा था कि आमाटोला और उसके आसपास के पहाड़ी जंगलों में माओवादियों की स्थानीय कमिटी के कैडर्स किसी बड़ी बैठक या सुरक्षाबलों पर एंबुश लगाने की तैयारी में जुटे हैं। इसी सटीक और पुख्ता सूचना के आधार पर कांकेर पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त टुकड़ी को पूरी मुस्तैदी और भारी हथियारों के साथ आमाटोला के जंगलों की ओर रवाना किया गया था। जवान जब जंगलों में बेहद सतर्कता से आगे बढ़ रहे थे और संदिग्ध ठिकानों की मेटल डिटेक्टर से जांच कर रहे थे, तभी एक स्थान पर जमीन की मिट्टी हाल ही में खोदे जाने के निशान मिले। संदेह होने पर जब बम डिस्पोजल स्क्वाड (BDS) की मदद से उस विशेष स्थान की घेराबंदी कर खुदाई की गई, तो वहां से नक्सलियों का भारी-भरकम छुपा हुआ खजाना (नक्सल सामग्री डंप) बाहर निकल आया।
इस सफल और बड़े ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने मौके से जो सामान बरामद किया है, वह बेहद चौंकाने वाला और खतरनाक है। डंप से कुल 4 नग देसी बंदूकें (हथियार), सुरक्षाबलों की मूवमेंट पर नजर रखने और आपस में कूटनीतिक बातचीत करने के लिए बेहद उच्च क्षमता वाले 2 नग वायरलेस सेट, भारी मात्रा में कटीली तारें, बैटरी, बिजली के तार, नक्सली साहित्य, रोजमर्रा के इस्तेमाल की दवाइयां और टेंट का सामान बरामद किया गया है। इसके अलावा, बीडीएस की टीम को वहां से बड़ी मात्रा में आईईडी (IED) बनाने में इस्तेमाल होने वाला खतरनाक विस्फोटक बारूद और जिलेटिन रॉड्स भी मिली हैं, जिन्हें सुरक्षा के लिहाज से जवानों ने मौके पर ही डिफ्यूज कर दिया। यदि यह विस्फोटक सही समय पर बरामद न होते, तो नक्सली इनका उपयोग जवानों की गाड़ियों को उड़ाने या गश्त पर निकले सर्चिंग अमले को निशाना बनाने के लिए कर सकते थे।
लल्लूराम डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बड़ी सफलता के बाद कांकेर पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि मानसून की शुरुआत से पहले बस्तर के जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ दबाव और अधिक बढ़ा दिया गया है। आमाटोला के जंगलों में अभी भी सुरक्षाबलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को भेजकर पूरे इलाके की सघन घेराबंदी कर दी गई है और आसपास के गांवों व अंदरूनी रास्तों पर पैनी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस खुफिया डंप के मिलने से यह साफ हो गया है कि नक्सली बैकफुट पर हैं और वे आमने-सामने की लड़ाई छोड़कर अब केवल छिपकर वार करने की फिराक में हैं। फिलहाल, सुरक्षाबलों का यह संयुक्त सर्चिंग अभियान जंगल के चप्पे-चप्पे पर अभी भी पूरी मुस्तैदी के साथ जारी है।

