CG Politics: राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे पर भारी सियासी घमासान; BJP विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा ‘जोकर’, कांग्रेस का करारा पलटवार…NV News

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NV News रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आगामी 21 जून 2026 को होने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी के दौरे को लेकर प्रदेश का सियासी पारा अचानक बेहद गर्म हो गया है। अभनपुर में चल रहे कांग्रेस के 10 दिवसीय आवासीय जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने के लिए राहुल गांधी रायपुर पहुंच रहे हैं। उनके इस दौरे को लेकर सत्ताधारी दल भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच तीखी जुबानी जंग और बयानों के तीर चलने शुरू हो गए हैं। इस राजनैतिक घमासान के बीच दोनों ही दलों के वरिष्ठ नेता एक-दूसरे पर सीधे और तीखे व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं, जिससे प्रदेश की राजनीति में भारी हलचल मच गई है।

इस पूरे विवाद की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रायपुर उत्तर से वरिष्ठ विधायक पुरंदर मिश्रा के एक बेहद विवादित और कड़े बयान से हुई। विधायक पुरंदर मिश्रा ने राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ आगमन और कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर तंज कसते हुए उन्हें ‘जोकर’ कह डाला। मिश्रा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई ठोस नीति या मुद्दा नहीं बचा है और राहुल गांधी रायपुर में सिर्फ “सर्कस दिखाने आ रहे हैं।” भाजपा विधायक के इस बेहद तीखे और अपमानजनक बयान के बाद कांग्रेस खेमे में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है और पार्टी ने इस पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

भाजपा के इस सीधे हमले पर कांग्रेस संगठन ने भी बिना वक्त गंवाए बेहद आक्रामक और करारा पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने पुरंदर मिश्रा के बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ आने की खबर मात्र से ही पूरी भाजपा और राज्य सरकार के भीतर डर और घबराहट का माहौल साफ दिखाई दे रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश के इतने बड़े कद के नेता के प्रति इस तरह की अभद्र और अमर्यादित भाषा का उपयोग करना भाजपा की ओछी मानसिकता और राजनैतिक हताशा को दर्शाता है, जिसे छत्तीसगढ़ की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।

राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मैराथन प्रशिक्षण शिविर के जरिए कांग्रेस आगामी चुनावों और सांगठनिक मजबूती के लिए अपने कैडर और जमीनी कार्यकर्ताओं को रिचार्ज करने की कोशिश कर रही है। यही कारण है कि राहुल गांधी खुद मैदानी स्तर के जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग देने आ रहे हैं, जो भाजपा की चिंता का मुख्य सबब बना हुआ है। राहुल गांधी के 21 जून के इस बहुप्रतीक्षित दौरे और इस पर शुरू हुई इस नई राजनैतिक बयानबाजी ने राज्य की सियासत को पूरी तरह से केंद्रित कर दिया है और आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच यह वैचारिक और जुबानी जंग और अधिक आक्रामक होने की पूरी संभावना है।

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