जुटी संसद की दिग्गज समिति: डोला सेन की अध्यक्षता में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का मंथन, कृषि और फूड प्रोसेसिंग पर बड़ा फोकस
Share this
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को और अधिक मजबूत बनाने तथा नए अवसरों को तलाशने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। राज्यसभा सांसद और वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्ष डोला सेन की अध्यक्षता में रायपुर के एक निजी होटल में यह उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। दरअसल, यह बैठक समिति के तीन दिवसीय (10 से 12 जून 2026) अहमदाबाद, रायपुर और भुवनेश्वर के अध्ययन दौरे का एक हिस्सा है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा “भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन” रहा, जिसके तहत दोनों देशों के बीच निवेश, आयात-निर्यात और आर्थिक सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की जा रही है ताकि संसद में एक तथ्यपरक रिपोर्ट पेश की जा सके।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से कृषि और खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) के क्षेत्र में वैश्विक व्यापार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में स्थानीय कृषि उत्पादकों, प्रसंस्करणकर्ताओं, निर्यातकों और विभिन्न वाणिज्य मंडलों (चैंबर ऑफ कॉमर्स) के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और अपने व्यावहारिक सुझाव साझा किए। इसके अलावा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA), अखिल भारतीय खाद्य प्रसंस्करण संघ (AIFPA), अखिल भारतीय चावल निर्यातक संघ (AIREA), भारतीय खाद्य एवं पेय संघ (IFBA) के साथ-साथ केंद्रीय कृषि मंत्रालय और वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी शिरकत की। समिति का मुख्य फोकस इस बात पर था कि कैसे भारतीय कृषि उत्पादों को अमेरिकी बाजारों में ज्यादा से ज्यादा जगह दिलाई जाए।
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में देश के विभिन्न राजनीतिक दलों के 18 प्रमुख सांसद सदस्य के रूप में शामिल हुए। बैठक में सांसद अमरा राम, बिश्वजीत सिन्हा (राहुल सिन्हा), रमेश अवस्थी, अतुल गर्ग, धनंजय भीमराव महाडिक, रेणुका चौधरी, रोजी सैलो दामोदरन, लामनेई सिंगसित, दिलीप यादव, सदानंद महालू शेट तानवड़े, अनीता शुभदर्शिनी, डॉ. शिवपाल सिंह पटेल, आनंद भदौरिया, डॉ. प्रशांत यादवराव पडोले, डॉ. संगीता बलवंत, विजया एस. राजशेखर, राजेन्द्र कुमार और गिरधारी यादव उपस्थित थे। सभी सांसदों ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को और सुदृढ़ बनाने, निर्यात संवर्धन को गति देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए अपने मूल्यवान सुझाव प्रस्तुत किए।

