सुप्रीम कोर्ट की छत्तीसगढ़ सरकार को कड़ी फटकार: विशेष बच्चों की शिक्षा के लिए खाली पदों पर 2 महीने में भर्ती के निर्देश…NV News
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NV News- छत्तीसगढ़ में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (दिव्यांग बच्चों) की शिक्षा व्यवस्था को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने राज्य सरकार के खिलाफ बेहद कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने राज्य में विशेष शिक्षकों की भारी कमी और लचर प्रशासनिक ढर्रे पर गहरी नाराजगी जताते हुए सरकार से एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इसके साथ ही, अदालत ने सभी खाली पड़े स्वीकृत पदों पर आगामी दो महीने के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
49 हजार बच्चों पर सिर्फ मुट्ठी भर शिक्षक: कोर्ट ने जताई नाराजगी
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ में विशेष शिक्षा की बदहाल तस्वीर सामने आई, जिस पर जजों ने कड़ी आपत्ति जताई:
शिक्षकों का भारी टोटा: आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ में लगभग 49 हजार विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (CWSN) चिह्नित हैं, लेकिन उनके अनुपात में शिक्षकों की संख्या न के बराबर है।
पदों की मंजूरी के बाद भी सुस्ती: राज्य में विशेष शिक्षकों के कुल 848 पद स्वीकृत हैं। कोर्ट इस बात पर बेहद नाराज हुआ कि इतने सारे पद खाली होने के बावजूद सरकार ने केवल 100 पदों पर ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की है।
भर्ती पर सख्त समय-सीमा: कोर्ट ने दोटूक शब्दों में कहा कि बच्चों के भविष्य और उनके शिक्षा के अधिकार के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। प्रशासन को बाकी बचे सभी 748 पदों सहित कुल स्वीकृत पदों को भरने का काम 60 दिनों (दो महीने) के भीतर अमलीजामा पहनाना होगा।
बच्चों के मौलिक अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं
अदालत ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के रवैये पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को सामान्य बच्चों की तरह ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाने का पूरा कानूनी और संवैधानिक अधिकार है। विशेष शिक्षकों की कमी के कारण इन बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है, जो उनके मौलिक अधिकारों का सीधा हनन है।
सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख: “पदों की स्वीकृति होने के बावजूद भर्ती को लटकाए रखना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। राज्य सरकार दो महीने के भीतर पूरी चयन और नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न करे और इसकी अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करे।”
प्रशासनिक गलियारों में हलचल, विभाग ने कसी कमर
सुप्रीम कोर्ट के इस कड़े रुख और अल्टीमेटम के बाद छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले कुछ ही दिनों में शिक्षा विभाग विशेष शिक्षकों (Special Educators) की बंपर भर्ती के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश और विज्ञापन जारी कर सकता है। कोर्ट के आदेश के बाद अब विभाग को तय समय-सीमा के भीतर पात्रता परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति की पूरी कसरत पूरी करनी होगी।

