महतारी वंदन योजना बनी बच्चों के भविष्य का सहारा: सुशासन तिहार में सीएम विष्णु देव साय के सामने महिलाओं ने साझा किए अनुभव…NV News

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RRT News- छत्तीसगढ़ सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी और लोकप्रिय ‘महतारी वंदन योजना’ प्रदेश की महिलाओं के जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव का जरिया बन रही है। इस योजना के माध्यम से मिलने वाली निरंतर मासिक आर्थिक सहायता न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि उनके परिवारों और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने में भी एक बड़ा संबल सिद्ध हो रही है। इसी कड़ी में सुशासन तिहार के अंतर्गत बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के करहीबाजार में एक विशाल समाधान शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खुद शिरकत की और योजना की हितग्राही महिलाओं से सीधे रूबरू होकर उनके अनुभव और जमीनी हकीकत को जाना।

रुखमनी पाल ने मुख्यमंत्री को सुनाई संघर्ष और संबल की कहानी

शिविर के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से बातचीत करते हुए स्थानीय हितग्राही रुखमनी पाल ने अपने जीवन का अनुभव बेहद भावुक अंदाज में साझा किया। रुखमनी ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके पति दिलेश्वर पाल मजदूरी का काम करते हैं, जिससे परिवार की मासिक आय बेहद सीमित और अनिश्चित रहती है। ऐसे कठिन समय में महतारी वंदन योजना उनके लिए एक वरदान की तरह साबित हुई है। योजना के तहत हर महीने मिलने वाली निश्चित शासकीय राशि को वे फिजूलखर्च करने के बजाय अपनी दो बेटियों की उच्च शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के लिए बैंक खाते में निरंतर जमा कर रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस राशि ने उन्हें वित्तीय स्वतंत्रता और मानसिक शांति दी है।

आत्मनिर्भरता की ओर कदम, साय सरकार के प्रयासों की सराहना

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रुखमनी पाल और अन्य हितग्राही महिलाओं के अनुभवों को बेहद संवेदनशीलता के साथ सुना और इस बात पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की कि शासकीय योजना का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से सही हकदारों तक पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की साय सरकार का मुख्य ध्येय ही यही है कि अंतिम छोर पर बैठी महिला भी आर्थिक रूप से सशक्त हो सके। उन्होंने मंच से आश्वस्त किया कि राज्य में सुशासन और जनकल्याणकारी नीतियों का विस्तार इसी तरह जारी रहेगा ताकि बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और आवश्यक जरूरतों के लिए किसी भी गरीब परिवार को कर्ज के जाल में न फंसना पड़े। हितग्राहियों से मिले इस सीधे फीडबैक के बाद प्रशासनिक अमले में भी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।

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