छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की किल्लत: कई जिलों में पंप पड़े सूखे, ‘पैनिक बाइंग’ के चलते मची अफरा-तफरी…NV News
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NV News- रायपुर: छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को लेकर अचानक पैदा हुई स्थिति ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। बालोद और धमतरी सहित कई इलाकों के पेट्रोल पंपों पर ‘स्टॉक खत्म’ के बोर्ड लटक गए हैं, जिससे वाहन चालकों के बीच हड़कंप मच गया है। ईंधन खत्म होने की अफवाहों ने आग में घी का काम किया है, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग अपनी जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाने के लिए पंपों पर उमड़ पड़े हैं। इस ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में खरीदारी) की वजह से स्टॉक तेजी से समाप्त हो रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधान की चर्चाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से जोर पकड़ लिया। इसके बाद लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के साथ-साथ डिब्बों और बोतलों में भी पेट्रोल-डीजल भरने लगे। देखते ही देखते शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के पंपों पर लंबी कतारें लग गईं। कई पेट्रोल पंप संचालकों ने बताया कि अचानक बढ़ी मांग के कारण टैंक खाली हो गए हैं और नए स्टॉक के आने में देरी हो रही है, जिससे संकट और गहरा गया है।
प्रशासन और पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और संयम बरतें। प्रशासन का कहना है कि स्टॉक की कमी केवल अस्थायी है और आपूर्ति को जल्द ही सामान्य कर लिया जाएगा। हालांकि, फिलहाल स्थिति यह है कि कई जगहों पर लोगों को एक बूंद तेल के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है या खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल की इस अनिश्चितता ने परिवहन और रोजमर्रा के कामकाज को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है।

