“कांग्रेस को करारा जवाब देंगी देश की बहन-बेटियां”: महिला आरक्षण बिल पर पीएम मोदी का बड़ा हमला, राष्ट्र के नाम संबोधन में कही ये बात…NV News
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NV News – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) के महत्व को रेखांकित करते हुए विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। पीएम मोदी ने कहा कि देश की बहनें और बेटियां अब जागरूक हो चुकी हैं और वे वर्षों से इस बिल को लटकाने वाली कांग्रेस पार्टी को आगामी चुनावों में करारा जवाब देंगी।
क्या था पीएम मोदी के संबोधन का मुख्य संदेश?
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व देना केवल एक राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए एक अनिवार्य कदम है। उनके संबोधन की प्रमुख बातें इस प्रकार रहीं:
विपक्ष पर निशाना: पीएम मोदी ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने दशकों तक इस बिल को केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए रोके रखा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों को लंबे समय तक दबाया गया।
नारी शक्ति का आह्वान: पीएम मोदी ने विश्वास जताते हुए कहा कि अब देश की बहन-बेटियां यह समझ चुकी हैं कि कौन उनकी प्रगति का समर्थक है और कौन बाधा। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति अब स्वयं अपनी आवाज बुलंद कर रही है।
ऐतिहासिक कदम: महिला आरक्षण बिल को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ करार देते हुए प्रधानमंत्री ने इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक मील का पत्थर बताया।
राजनीतिक समीकरण और महिला वोट बैंक
पीएम मोदी के इस आक्रामक रुख को आने वाले चुनावों के मद्देनजर एक बड़ी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग, जो अब तक सरकारी योजनाओं (जैसे उज्ज्वला, पीएम आवास, जन-धन) का लाभार्थी रहा है, वह भाजपा के इस कदम को सीधे तौर पर अपने सम्मान और अधिकारों से जोड़कर देख रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी याद दिलाया कि उनकी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ महिलाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने देश की आधी आबादी से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति सतर्क रहें और राष्ट्र की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
