Animal Birth Control (ABC) Centers: छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में खुलेंगे सेंटर, आवारा श्वानों की संख्या पर लगेगा लगाम…NV News
Share this
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में आवारा कुत्तों से जुड़ी समस्याओं और उनके काटने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाने के लिए एक नई योजना तैयार की है। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित एक विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के हर जिले में अब विशेष ‘एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर’ संचालित होंगे।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
उद्देश्य: इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी को मानवीय तरीके से नियंत्रित करना और रैबीज जैसी जानलेवा बीमारियों को फैलने से रोकना है।
प्रमुख कार्य: इन केंद्रों में कुत्तों की नसबंदी (Sterilization) और टीकाकरण (Vaccination) का विशेष अभियान चलाया जाएगा।
संचालन: इन केंद्रों का संचालन नगरीय निकायों (Urban Local Bodies) के सहयोग से किया जाएगा, ताकि शहरी क्षेत्रों में आवारा पशुओं की समस्या का त्वरित समाधान हो सके।
व्यापक योजना: इस पहल के साथ-साथ राज्य सरकार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, पशुओं के टीकाकरण और घुमंतू गौ-वंशीय पशुओं के संरक्षण के लिए ‘गौधाम’ निर्माण को भी तीव्र गति दे रही है।
आर्थिक सशक्तिकरण और पशुपालन पर जोर
मंत्री श्री नेताम ने बैठक में बताया कि राज्य सरकार पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। जनजातीय क्षेत्रों की महिला हितग्राहियों को दुधारू गाय उपलब्ध कराने की योजना को अब पूरे राज्य के जनजातीय अंचलों में विस्तारित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। इसके साथ ही, ‘राष्ट्रीय गोकुल मिशन’ के तहत कृत्रिम गर्भाधान और नस्ल सुधार के कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
