युवा का कमाल: अंकुश जैन ने बनाया ऐसा कप जिसे फेंकने पर उगेगा पौधा, प्लास्टिक प्रदूषण से मिलेगी मुक्ति…NV News
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दुर्ग: छत्तीसगढ़ के युवाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे न केवल बड़े सपने देखते हैं, बल्कि दुनिया को बदलने वाले नवाचार भी कर सकते हैं। दुर्ग जिले के रहने वाले युवा उद्यमी अंकुश जैन ने प्लास्टिक प्रदूषण की गंभीर समस्या का एक शानदार और टिकाऊ समाधान निकाला है। अंकुश ने एक ऐसा ‘प्लांटेबल कप’ तैयार किया है, जो चाय की चुस्की के बाद कचरा नहीं बनता, बल्कि मिट्टी में मिलकर उसे पोषण देता है और एक नए पौधे को जन्म देता है।
कुल्हड़ से भी एक कदम आगे का नवाचार
अंकुश जैन का यह स्टार्टअप पूरी तरह से पर्यावरण संरक्षण पर आधारित है। आमतौर पर हम सिंगल-यूज प्लास्टिक या पेपर कप का इस्तेमाल करते हैं, जो पर्यावरण के लिए हानिकारक होते हैं। अंकुश द्वारा तैयार किए गए ये कप मिट्टी और प्राकृतिक खाद के मिश्रण से बने हैं, जिनके भीतर विभिन्न पौधों के बीज डाले गए हैं।
खासियत: इस कप में गरम चाय या कॉफी पीने के बाद जब इसे फेंक दिया जाता है, तो यह मिट्टी में दबने के बाद खाद बन जाता है।
पौधों को पोषण: मिट्टी की नमी और पानी मिलते ही कप के अंदर मौजूद बीज अंकुरित होने लगते हैं।
भूमि संरक्षण: यह कप किसी भी प्रकार का रसायनिक प्रदूषण नहीं फैलाता, बल्कि भूमि की उर्वरता बढ़ाता है।
‘यूज एंड ग्रो’ का नया विजन
युवा उद्यमी अंकुश जैन का कहना है कि उनका उद्देश्य ‘यूज एंड थ्रो’ (इस्तेमाल करो और फेंको) की संस्कृति को ‘यूज एंड ग्रो’ (इस्तेमाल करो और उगाओ) में बदलना है। उनके इस प्रयास की सराहना न केवल स्थानीय स्तर पर हो रही है, बल्कि यह पर्यावरण प्रेमियों के लिए भी एक मिसाल बन गया है। दुर्ग के इस युवा का विजन है कि आने वाले समय में शादी-ब्याह और बड़े आयोजनों में प्लास्टिक के बजाय इन इको-फ्रेंडली कपों का इस्तेमाल हो, जिससे देश को प्लास्टिक मुक्त बनाने में मदद मिल सके।
