Crime Against Uniform – रेत माफिया का दुस्साहस: अवैध खनन रोकने गए वनकर्मियों पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला…NV News
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NV News – मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में रेत माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे खाकी पर हमला करने से भी नहीं हिचक रहे हैं। जिले के वनांचल क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन की सूचना पर कार्रवाई करने पहुँचे वन विभाग के अमले पर माफियाओं ने संगठित होकर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में वन विभाग के कई कर्मचारी घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद इलाके में तनाव है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
कार्रवाई करने पहुँची थी टीम, माफिया ने कर दी घेराबंदी
जानकारी के अनुसार, वन विभाग को सूचना मिली थी कि संरक्षित क्षेत्र के करीब नदी तट पर माफियाओं द्वारा मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है।
अचानक हमला: जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची और रेत से भरी गाड़ियों को रोकने की कोशिश की, तभी माफियाओं के गुर्गे लाठी-डंडों और धारदार हथियारों के साथ वहां पहुँच गए।
बर्बरता: माफियाओं ने वनकर्मियों को संभलने का मौका भी नहीं दिया और उन पर हमला बोल दिया। हमले में वन रक्षकों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया।
गंभीर चोटें: दो वनकर्मियों के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरी चोटें आई हैं। उन्हें लहूलुहान हालत में स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें उच्च केंद्र रेफर किया गया है।
सरकारी काम में बाधा और दहशत का माहौल
हमले के बाद आरोपी अपनी गाड़ियां और अवैध रेत लेकर मौके से फरार होने में कामयाब रहे। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और मुंगेली पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुँची।
पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (धारा 307) और शासकीय कार्य में बाधा डालने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
सर्च ऑपरेशन: आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। वन विभाग के कर्मचारी संघ ने इस घटना पर कड़ा रोष जताया है और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
संरक्षित क्षेत्रों में बेखौफ खनन
यह घटना साबित करती है कि मुंगेली और आसपास के इलाकों में रेत का अवैध कारोबार किस कदर जड़ें जमा चुका है। वन भूमि पर माफियाओं का कब्जा और अधिकारियों पर हमला अब आम होता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि माफियाओं को कुछ रसूखदारों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण वे कानून को अपने हाथ में लेने से नहीं डरते।
