Urban Infrastructure – रायपुर को मिलेगी जाम से मुक्ति: रिंग रोड-5 के निर्माण को मिली मंजूरी; रिंग रोड-1 और 2 का दबाव होगा कम…NV News

Share this

NV News – रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने एक मास्टर प्लान तैयार किया है। रायपुर के चारों ओर कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए अब ‘रिंग रोड-5’ के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी गई है। यह नया कॉरिडोर न केवल शहर के भीतर भारी वाहनों के दबाव को कम करेगा, बल्कि बाहरी इलाकों को सीधे मुख्य नेशनल हाईवे से जोड़कर सफर को सुगम और तेज बनाएगा। लोक निर्माण विभाग (PWD) और नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) की संयुक्त योजना के तहत इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

ट्रैफिक के दबाव से मिलेगी बड़ी राहत

वर्तमान में रायपुर का रिंग रोड-1 और रिंग रोड-2 भारी वाहनों और स्थानीय ट्रैफिक के ओवरलैपिंग के कारण अक्सर जाम की स्थिति से जूझते हैं। रिंग रोड-5 के बनने से:

हैवी व्हीकल डायवर्जन: बिलासपुर, दुर्ग और धमतरी की ओर से आने वाले भारी ट्रकों को शहर के भीतर प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं होगी। वे सीधे रिंग रोड-5 का उपयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।

रिंग रोड-1 का विकल्प: रिंग रोड-1 पर होने वाले अत्यधिक दबाव को यह नया रूट साझा करेगा, जिससे टाटीबंध और पचपेड़ी नाका जैसे व्यस्त चौराहों पर जाम की समस्या समाप्त होगी।

हादसों में कमी: भारी वाहनों के शहर के बाहरी हिस्सों से गुजरने के कारण सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ में भी गिरावट आएगी।

नया रूट और कनेक्टिविटी

प्रस्तावित रिंग रोड-5 रायपुर के बाहरी परिधि (Outer Periphery) को कवर करेगा। यह प्रोजेक्ट नया रायपुर (अटल नगर), मंदिर हसौद और आरंग की ओर से आने वाले ट्रैफिक को सीधे दुर्ग या बिलासपुर मार्ग से जोड़ने की क्षमता रखेगा। अधिकारियों के अनुसार, इस सड़क की चौड़ाई और निर्माण की गुणवत्ता को वैश्विक मानकों के अनुरूप रखा जाएगा ताकि भविष्य के 20-30 वर्षों के ट्रैफिक लोड को यह आसानी से सह सके।

आर्थिक और औद्योगिक विकास को मिलेगी गति

रिंग रोड-5 केवल एक सड़क नहीं, बल्कि रायपुर के विकास का नया गलियारा साबित होगा। इस रूट के आसपास:

नए इंडस्ट्रियल हब: बेहतर कनेक्टिविटी के कारण गोदामों और लॉजिस्टिक पार्क के निर्माण की संभावनाएं बढ़ेंगी।

रियल एस्टेट में उछाल: शहर के बाहरी इलाकों में आवासीय कॉलोनियों का विस्तार होगा, जिससे रायपुर का दायरा और बढ़ेगा।

समय और ईंधन की बचत: बाईपास रूट मिलने से यात्रा समय में 30% से 40% की कमी आने का अनुमान है, जिससे ईंधन की भी बचत होगी।

प्रशासन अब इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) और सर्वे की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार करने में जुट गया है। सरकार का लक्ष्य है कि राजधानी रायपुर को एक आधुनिक ‘स्मार्ट सिटी’ के रूप में विकसित करने के लिए बुनियादी ढांचे को सबसे पहले सुधारा जाए। रिंग रोड-5 इस विजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Share this

You may have missed