बस्तर में माओवाद का ‘एंडगेम’: देवजी के बाद 124 नक्सलियों का सामूहिक सरेंडर, संगठन की मिलिट्री विंग पूरी तरह तबाह…NV News
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रायपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग से एक बड़ी सफलता की खबर सामने आ रही है। माओवादी संगठन के रणनीतिकार और बड़े लीडर देवजी के मुख्यधारा में आने के बाद, अब संगठन के 124 सक्रिय माओवादियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण करने का फैसला किया है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में कैडर्स का टूटना इस बात का प्रमाण है कि माओवादियों की सैन्य इकाई (Military Wing) अब पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
क्यों टूट रहा है नक्सलियों का किला?
नेतृत्व का संकट: देवजी जैसे बड़े कैडर के जाने के बाद निचले स्तर के लड़ाकों में असुरक्षा और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।
ऑपरेशन ‘कगार’: सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे आक्रामक अभियानों और अंदरूनी इलाकों में नए कैंप स्थापित होने से नक्सलियों की रसद और छिपने के ठिकाने खत्म हो रहे हैं।
विकास की पहुंच: शासन की पुनर्वास नीति और अंदरूनी गांवों तक सड़कों व सुविधाओं के पहुँचने से ग्रामीण अब माओवादी विचारधारा से किनारा कर रहे हैं।
पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) के अनुसार, सरेंडर करने वाले इन माओवादियों में कई इनामी नक्सली और एलओएस (LOS) सदस्य शामिल हैं। इन सभी को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सहायता राशि और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। यह सामूहिक सरेंडर बस्तर में शांति बहाली की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
