होली के बहाने ‘हॉलीडे’ की मनमानी: छत्तीसगढ़ में आदेश से पहले ही बंद मिले स्कूल; शिक्षकों की गैर-जिम्मेदारी पर फूटा अभिभावकों का गुस्सा…NV News

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रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में होली के त्योहार के बीच शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। सरकारी कैलेंडर के अनुसार होली की आधिकारिक छुट्टी 4 मार्च को घोषित थी, लेकिन प्रदेश के कई ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में शिक्षकों ने ‘अपनी मर्जी’ का कैलेंडर चलाते हुए स्कूलों में ताले जड़ दिए। Lalluram की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि कई सरकारी प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में शिक्षक 3 मार्च से ही गायब मिले, जिसके कारण दूर-दराज से आए छात्रों को स्कूल के गेट से ही वापस लौटना पड़ा।

अभिभावकों का आरोप है कि होली की आड़ में शिक्षक अपनी ड्यूटी से नदारद हैं। बस्तर, सरगुजा और रायपुर संभाग के कई जिलों से ऐसी खबरें आई हैं जहाँ स्कूलों में प्रधान पाठक से लेकर सहायक शिक्षक तक बिना किसी पूर्व सूचना या आधिकारिक अवकाश के गायब हैं। कई स्कूलों में तो केवल रसोइया या सफाई कर्मचारी ही मौजूद मिले, जिन्हें खुद नहीं पता था कि ‘गुरुजी’ कब आएंगे। इस ‘अघोषित छुट्टी’ ने बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के सामने भी संकट खड़ा कर दिया है, क्योंकि समय पर कोर्स पूरा करना अब बड़ी चुनौती बन गया है।

मामले के तूल पकड़ने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने संज्ञान लिया है। कई जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों ने बिना अनुमति के स्कूल बंद रखे हैं, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा और उनका वेतन काटा जाएगा। विभाग ने साफ किया है कि सरकारी नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब त्योहारों के समय छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में शिक्षकों की ऐसी ‘मनमानी’ देखने को मिली हो।

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