रायपुर में होली की मस्ती पर ‘केमिकल’ का साया: 26 साल से नहीं हुई रंगों की जांच, दांव पर लाखों लोगों की सेहत…NV News
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राजधानी रायपुर में रंगों का त्यौहार इस बार स्वास्थ्य चिंताओं के घेरे में है। एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के अनुसार, रायपुर नगर निगम और संबंधित विभागों द्वारा पिछले 26 वर्षों से बाजार में बिकने वाले होली के रंगों और गुलाल की कोई मानक जांच (Testing) नहीं की गई है। शहर के बाजारों में धड़ल्ले से बिक रहे चमकदार और पक्के रंगों में भारी मात्रा में लेड, मरकरी, क्रोमियम और सिलिका जैसे खतरनाक तत्व होने की आशंका है। प्रशासनिक सुस्ती के कारण बिना किसी लैब सर्टिफिकेशन के खुलेआम बिक रहे ये रंग त्यौहार की मस्ती को बीमारी में बदल सकते हैं।
सेहत पर भारी ‘सस्ता’ रंग: कैंसर और किडनी का खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक डाई और सिंथेटिक रंगों के इस्तेमाल से शरीर पर इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इन केमिकल युक्त रंगों के संपर्क में आने से कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस (त्वचा की एलर्जी), खुजली और चकत्ते की समस्या आम है। इतना ही नहीं, इनमें मौजूद मेटैलिक तत्वों के कारण लंबे समय में किडनी की बीमारी और स्किन कैंसर तक का खतरा बना रहता है। आंखों में रंग जाने से कॉर्निया डैमेज होने और दृष्टि धुंधली होने के मामले हर साल होली के दौरान अस्पतालों में बढ़ जाते हैं, फिर भी गुणवत्ता नियंत्रण पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
डॉक्टरों की चेतावनी: आंखों और फेफड़ों के लिए घातक
रायपुर के वरिष्ठ डॉक्टरों और नेत्र विशेषज्ञों ने होली से पहले विशेष एडवाइजरी जारी की है। डॉक्टरों के अनुसार, सूखे गुलाल के बारीक कण सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुँच जाते हैं, जो अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के मरीजों के लिए जानलेवा हो सकते हैं। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों की त्वचा अधिक संवेदनशील होती है, जिससे उन पर केमिकल का असर जल्दी होता है। बाजार में मिलने वाले ‘हर्बल’ और ‘ऑर्गेनिक’ टैग वाले कई रंग भी बिना किसी मानक जांच के बेचे जा रहे हैं, जो ग्राहकों को गुमराह कर रहे हैं।
विकल्प: घर पर बनाएं प्राकृतिक रंग और सुरक्षित रहें
जांच के अभाव और केमिकल के खतरों को देखते हुए अब जागरूक नागरिक नेचुरल रंगों की ओर रुख कर रहे हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि होली खेलने के लिए घर पर ही हल्दी, चुकंदर के रस, पलाश के फूलों या नीम की पत्तियों से प्राकृतिक रंग तैयार करें। बाजार से रंग खरीदते समय विश्वसनीय ब्रांड और सामग्री की जांच जरूर करें। होली खेलने से पहले शरीर पर नारियल का तेल या मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें। प्रशासन की लापरवाही के बीच खुद की सावधानी ही आपकी होली को वास्तव में ‘हैप्पी’ बना सकती है।
