तालिबान का पाकिस्तान पर भीषण हमला: रावलपिंडी के नूर खान मिलिट्री बेस समेत कई ठिकानों पर एयरस्ट्राइक, वीडियो जारी कर मचाया हड़कंप…NV News

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दुनिया जहाँ इस वक्त अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर नजरें गड़ाए बैठी है, वहीं पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से एक दहला देने वाली खबर सामने आई है। अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान ने पाकिस्तान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उसके सबसे सुरक्षित माने जाने वाले सैन्य क्षेत्रों पर भीषण एयरस्ट्राइक की है। यह हमला पाकिस्तान के सैन्य मुख्यालय रावलपिंडी के पास स्थित नूर खान मिलिट्री बेस समेत कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर किया गया है। तालिबान के इस औचक हमले ने पाकिस्तानी सेना (पाक आर्मी) के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है और सीमा पर तनाव चरम पर पहुंच गया है।

नूर खान एयरबेस पर हमला और तालिबान का वीडियो संदेश

तालिबान ने न केवल यह हमला किया, बल्कि अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए इस पूरी सैन्य कार्रवाई का वीडियो भी जारी कर दिया है। वीडियो में पाकिस्तानी ठिकानों पर गिरते बम और धुएं के गुबार साफ देखे जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस पाकिस्तान की सामरिक सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यहाँ हमला होना इस्लामाबाद के लिए एक गहरे जख्म जैसा है। तालिबान के लड़ाकों ने दावा किया है कि यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा अफगान सीमा पर की जा रही दखलंदाजी और उनके खिलाफ रची जा रही साजिशों का सीधा जवाब है।

पाकिस्तान में हड़कंप: रावलपिंडी से इस्लामाबाद तक दहशत

इस हमले के बाद पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व में खलबली मच गई है। रावलपिंडी, जो पाकिस्तानी सेना का गढ़ माना जाता है, वहां इस तरह की एयरस्ट्राइक होना सुरक्षा तंत्र की बड़ी विफलता मानी जा रही है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के बाद रावलपिंडी और इस्लामाबाद के संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पाकिस्तान की ओर से अभी तक आधिकारिक नुकसान का पूरा ब्योरा साझा नहीं किया गया है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो इस हमले की भीषणता की गवाही दे रहे हैं।

बदलता समीकरण: क्या यह पूर्ण युद्ध की शुरुआत है?

कभी तालिबान के सबसे बड़े हिमायती माने जाने वाले पाकिस्तान के लिए अब वही तालिबान सबसे बड़ा सिरदर्द बन चुका है। डूरंड लाइन (Durand Line) को लेकर चल रहे विवाद और सीमा पार से हो रही आतंकी गतिविधियों ने दोनों देशों के रिश्तों को उस मोड़ पर ला खड़ा किया है, जहाँ से वापसी मुश्किल लग रही है। जानकारों का मानना है कि तालिबान की इस हिमाकत के बाद पाकिस्तान जवाबी कार्रवाई जरूर करेगा, जिससे दक्षिण एशिया में युद्ध का एक नया मोर्चा खुल सकता है। अब देखना यह होगा कि वैश्विक समुदाय इस टकराव पर क्या प्रतिक्रिया देता है।

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