छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट में ‘बड़ा बदलाव’: नई गाइडलाइन दरों से जमीन खरीदना हुआ आसान; आमजन को मिली राहत, उद्योगों और विकास को मिली रफ्तार…NV News

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रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के रियल एस्टेट परिदृश्य को बदलने के लिए जमीन की गाइडलाइन दरों में ऐतिहासिक संशोधन और रेशनलाइजेशन किया है। लगभग 8 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद दरों में किए गए इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य बाजार मूल्य और सरकारी गाइडलाइन के बीच के अंतर को कम करना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि नई दरों को वैज्ञानिक और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे अब एक ही क्षेत्र या मार्ग पर संपत्तियों का मूल्यांकन एकरूपता के साथ होगा। इस निर्णय से मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अपने घर का सपना पूरा करना अब पहले से अधिक किफायती हो गया है।

सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए कई जटिल नियमों को हटा दिया है। उदाहरण के तौर पर, शहरी क्षेत्रों में 1400 वर्ग फुट (130 वर्ग मीटर) तक के भूखंडों के मूल्यांकन के लिए इस्तेमाल होने वाली ‘इन्क्रीमेंटल मेथड’ को समाप्त कर दिया गया है। साथ ही, बहुमंजिला इमारतों (Flats) के लिए सुपर बिल्ट-अप एरिया के बजाय अब अधिक व्यावहारिक गणना पद्धति अपनाई जा रही है। इन सुधारों से रजिस्ट्री शुल्क और स्टांप ड्यूटी का बोझ कम हुआ है, जिससे सीधे तौर पर खरीदारों की जेब को फायदा पहुँच रहा है। रायपुर, कोरबा, बिलासपुर और दुर्ग जैसे प्रमुख जिलों में नई दरें प्रभावी हो चुकी हैं।

रियल एस्टेट संगठनों ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे ‘गेम चेंजर’ बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शी दरों से रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश बढ़ेगा और ‘ब्लैक मनी’ के प्रवाह पर अंकुश लगेगा। किसानों के लिए भी यह खबर सुखद है, क्योंकि गाइडलाइन दरें बढ़ने से सरकारी अधिग्रहण के मामलों में उन्हें अब 3 गुना तक अधिक मुआवजा मिल सकेगा। इसके अलावा, औद्योगिक क्षेत्रों जैसे कोरबा में कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल के पास आवास खरीदना आसान होगा। यह नई नीति न केवल शहरी विकास को गति देगी, बल्कि राज्य की समग्र अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।

सुधार (Change) आम जनता को लाभ (Benefits)

सरल स्लैब सिस्टम 50 डेसिमल तक की भूमि का मूल्यांकन अब अधिक पारदर्शी और आसान।

फ्लैट्स/दुकानों पर छूट बेसमेंट और प्रथम तल पर 10% तथा ऊपरी तलों पर 20% तक की रियायत।

व्यावसायिक परिसर मुख्य मार्ग से 20 मीटर से अधिक दूरी वाली संपत्तियों पर 25% की कटौती।

पारदर्शिता बाजार

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