छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही: 41 स्कूलों के बच्चों का भविष्य अधर में, ₹82 लाख का फंड अटका…NV News
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छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग से एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ ‘समग्र शिक्षा अभियान’ के तहत आवंटित 82 लाख रुपये की राशि तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से अटक गई है। इस वित्तीय बाधा के कारण प्रदेश के 41 सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार रुक गया है। लंबे समय से फंड का इंतज़ार कर रहे इन स्कूलों में मरम्मत, नए क्लासरूम का निर्माण और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं का काम ठप पड़ा है, जिसका सीधा खामियाजा यहाँ पढ़ने वाले मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह राशि स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए जारी की जानी थी, लेकिन बजट आवंटन की प्रक्रिया में हुई देरी या दस्तावेजी कमियों की वजह से यह राशि स्कूलों तक नहीं पहुँच सकी। कई स्कूलों में तो निर्माण कार्य बीच में ही छोड़ दिए गए हैं, जिससे असुरक्षित भवनों में बच्चे बैठने को मजबूर हैं। स्थानीय अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन समितियों ने शासन से गुहार लगाई है कि इस राशि को जल्द से जल्द जारी किया जाए ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।
इस मामले के उजागर होने के बाद अब शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। शासन स्तर पर इस गड़बड़ी की समीक्षा की जा रही है कि आखिर इतनी बड़ी राशि किन कारणों से लैप्स होने की कगार पर है या अटकी हुई है। यदि समय रहते इस ₹82 लाख का सदुपयोग नहीं किया गया, तो न केवल सरकारी योजना की साख गिरेगी, बल्कि शिक्षा का स्तर सुधारने के सरकार के दावे भी खोखले साबित होंगे। फिलहाल, 41 स्कूलों के बच्चे अभी भी मूलभूत सुविधाओं की राह देख रहे हैं।
