परीक्षा का तनाव या कुछ और? 12वीं के छात्र ने एग्जाम के दिन की खुदकुशी, सुसाइड नोट में बयां किया दर्द…NV News
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रायपुर/राजनांदगांव | छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं के बीच एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। राजनांदगांव जिले में 12वीं कक्षा के एक छात्र ने परीक्षा के ही दिन अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। मौके से बरामद सुसाइड नोट ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है, जिसमें छात्र ने अपनी मौत के पीछे की भावनाओं को साझा किया है।
एग्जाम की तैयारी और अचानक उठाया कदम
जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र 12वीं बोर्ड का परीक्षार्थी था। घटना वाले दिन उसका पेपर था, जिसकी वह तैयारी भी कर रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि वह परीक्षा देने जाएगा, लेकिन जब काफी देर तक उसके कमरे में कोई हलचल नहीं हुई, तो परिजनों ने जाकर देखा। छात्र का शव फंदे से लटकता मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
सुसाइड नोट में क्या लिखा?
पुलिस को तलाशी के दौरान छात्र के पास से एक सुसाइड नोट मिला है। नोट में छात्र ने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है, लेकिन अपनी मानसिक स्थिति और पढ़ाई को लेकर दबाव का संकेत दिया है। उसने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि वह उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या छात्र केवल परीक्षा के डर (Exam Fear) से परेशान था या इसके पीछे कोई अन्य निजी कारण भी था।
छात्रों में बढ़ता मानसिक तनाव
परीक्षाओं के मौसम में छात्रों द्वारा आत्मघाती कदम उठाने के बढ़ते मामले चिंता का विषय बन गए हैं। मनोचिकित्सकों का कहना है कि रिजल्ट और भविष्य की चिंता बच्चों पर भारी पड़ रही है। इस घटना ने एक बार फिर अभिभावकों और शिक्षकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अंकों की दौड़ में बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य पीछे छूटता जा रहा है।
