बड़ी खबर: एसडीएम पर हत्या की FIR; आदिवासी ग्रामीण की पीट-पीटकर हत्या मामले में SDM समेत 4 दोषी, जेल भेजने की तैयारी…NV News
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बलरामपुर/कुसमी: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक प्रशासनिक अधिकारी की बर्बरता के कारण हुई आदिवासी बुजुर्ग की मौत के मामले में पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। कुसमी क्षेत्र में पदस्थ एसडीएम (SDM) और उनके चार साथियों के खिलाफ पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। भारी जन-आक्रोश और शुरुआती जांच के बाद प्रशासन ने आरोपी अधिकारी को संरक्षण देने के बजाय कानून के दायरे में लेते हुए जेल भेजने की तैयारी पूरी कर ली है।
क्या है पूरा मामला?
घटना के अनुसार, कुसमी क्षेत्र में एक आदिवासी बुजुर्ग और कुछ ग्रामीणों की बेरहमी से पिटाई की गई थी। आरोप था कि एसडीएम ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए और कथित तौर पर माफियाओं को संरक्षण देने के उद्देश्य से ग्रामीणों पर जानलेवा हमला किया था। इस मारपीट में गंभीर रूप से घायल एक बुजुर्ग की मौत हो गई। घटना के बाद सर्व आदिवासी समाज और स्थानीय ग्रामीणों ने कुसमी थाने का घेराव कर दिया था और क्षेत्र में ‘कुसमी बंद’ का आह्वान किया गया था।
प्रशासनिक और पुलिसिया कार्रवाई:
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार और पुलिस मुख्यालय ने तत्काल संज्ञान लिया। स्थानीय पुलिस ने एसडीएम और उनके साथ मौजूद अन्य चार लोगों के खिलाफ आईपीसी/बीएनएस की धारा 302 (हत्या) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। बताया जा रहा है कि आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जाएगा।
क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति:
अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा थोड़ा शांत हुआ है, लेकिन क्षेत्र में अभी भी तनाव का माहौल है। सुरक्षा के मद्देनजर कुसमी और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है। आदिवासी संगठनों ने इस कार्रवाई को न्याय की पहली जीत बताया है और मांग की है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके।
इस कार्रवाई ने प्रशासन के भीतर भी हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि यह विरले मामलों में से एक है जहाँ एक कार्यरत प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ सीधे हत्या का मामला दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है।
