बिलासपुर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: CCF के तबादला आदेश पर लगाई रोक, राज्य शासन से मांगा जवाब…NV News

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बिलासपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को एक बड़ा झटका देते हुए मुख्य वन संरक्षक (CCF) स्तर के अधिकारी के तबादला आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने पाया कि स्थानांतरण की प्रक्रिया में प्रथम दृष्टया नियमों की अनदेखी की गई है। इस फैसले के बाद वन विभाग और प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई है, क्योंकि यह सीधे तौर पर सरकार के स्थानांतरण नीति और उसके कार्यान्वयन पर सवाल उठाता है।

नियमों के उल्लंघन का आरोप और याचिका

यह मामला छत्तीसगढ़ वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें उनके हालिया तबादले को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि यह स्थानांतरण प्रशासनिक आधार पर न होकर दुर्भावनापूर्ण और सेवा नियमों के विपरीत है। याचिका में उल्लेख किया गया कि निर्धारित समय सीमा से पहले और बिना ठोस आधार के किया गया यह तबादला अधिकारी के सेवा अधिकारों का हनन करता है।

राज्य शासन से मांगा गया विस्तृत जवाब

जस्टिस की एकल पीठ ने याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद तबादला आदेश के क्रियान्वयन को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ राज्य शासन और संबंधित विभाग के सचिव को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पूछा है कि किन परिस्थितियों और नियमों के तहत यह तबादला आदेश जारी किया गया था। अब शासन को अगली सुनवाई में अपना पक्ष मजबूती से रखना होगा।

प्रशासनिक सर्जरी पर लगेगी लगाम?

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि हाईकोर्ट के इस कड़े रुख से आने वाले समय में मनमाने तबादलों पर लगाम लग सकती है। अक्सर यह देखा गया है कि राजनीतिक या अन्य दबावों के चलते अधिकारियों के तबादले किए जाते हैं, जिन्हें अब न्यायालय की कसौटी पर परखा जा रहा है। मामले की अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के आदेश से याचिकाकर्ता अधिकारी को बड़ी राहत मिली है, जबकि शासन की ‘प्रशासनिक सर्जरी’ पर फिलहाल ब्रेक लग गया है।

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