पंचायत का ऐतिहासिक ‘लॉकडाउन’! शाम 6 बजे के बाद छात्रों के बाहर घूमने पर पाबंदी, नशा बेचने वालों पर लगेगा 50,000 का जुर्माना…NV News

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धमतरी (नगरी)। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के वनांचल क्षेत्र से सामाजिक परिवर्तन की एक बड़ी खबर सामने आई है। ग्राम पंचायत सांकरा ने नई पीढ़ी के भविष्य को संवारने और गांव को नशा मुक्त बनाने के लिए कुछ ऐसे कड़े फैसले लिए हैं, जिनकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है। पंचायत ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर शाम 6 बजे के बाद स्कूली छात्रों के बाहर घूमने पर प्रतिबंध लगा दिया है और नशा करने वालों के लिए भारी जुर्माने का प्रावधान किया है।

छात्रों के लिए ‘स्टडी टाइम’ अनिवार्य

पंचायत की ओर से जारी आदेश के अनुसार, शाम 6 बजे के बाद कोई भी छात्र गांव की गलियों, चौक-चौराहों या होटलों में घूमता हुआ नहीं पाया जाना चाहिए। इस नियम का उद्देश्य बच्चों को बुरी संगत से बचाना और उन्हें पढ़ाई के प्रति प्रेरित करना है।

अपवाद: विशेष परिस्थिति या किसी आवश्यक कार्य के होने पर ही छूट दी जाएगी।

निगरानी: गांव के बुजुर्ग और युवा समिति रात में गश्त कर नियमों के पालन पर नजर रखेंगे।

नशे के खिलाफ ‘आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक’

गांव में बढ़ते नशे के ग्राफ को देखते हुए पंचायत ने सख्त आर्थिक दंड तय किए हैं:

नशा बेचने पर: यदि कोई गांव में अवैध शराब या अन्य नशीले पदार्थ बेचते पकड़ा गया, तो उस पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

नशा सेवन पर: सार्वजनिक स्थान पर नशा करने या हुड़दंग करने वालों पर 5,000 से 20,000 रुपये तक का दंड लग सकता है।

सूचना देने वाले को इनाम: नशा बेचने वालों की जानकारी देने वाले व्यक्ति को पंचायत की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा और उसका नाम गुप्त रखा जाएगा।

पूरे गांव ने किया समर्थन

ग्राम सांकरा के सरपंच और पंचों द्वारा आयोजित इस विशेष बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। ग्रामीणों का कहना है कि युवा पीढ़ी को बर्बादी से बचाने के लिए यह कदम उठाना बहुत जरूरी था। इस फैसले से न केवल अपराधों में कमी आएगी, बल्कि शिक्षा का स्तर भी सुधरेगा।

नगरी विकासखंड के अन्य ग्राम पंचायतों में भी सांकरा पंचायत के इस ‘मॉडल’ को अपनाने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है।

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