कोंडागांव में ‘मक्का प्लांट’ पर संग्राम: ग्रामीणों ने घेरा निर्माण स्थल, काम रुकवाकर जताया विरोध; स्थानीय रोजगार और मुआवजे पर तकरार…NV News

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कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले से बड़े असंतोष की खबर सामने आ रही है। जिले के बहुचर्चित मक्का प्रोसेसिंग (इथेनॉल) प्लांट के निर्माण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। शुक्रवार को कोकोड़ी और आसपास के सैकड़ों ग्रामीणों ने प्लांट परिसर में पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और चल रहे निर्माण कार्य को बंद करा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट प्रबंधन और प्रशासन द्वारा उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।

विरोध के 3 मुख्य कारण:

ग्रामीणों के इस आंदोलन ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। प्रदर्शन के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

स्थानीय रोजगार की मांग: ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट के निर्माण और संचालन में स्थानीय युवाओं को दरकिनार कर बाहरी लोगों को काम दिया जा रहा है। उनकी मांग है कि प्रभावित गांवों के शिक्षित युवाओं को प्राथमिकता मिले।

प्रदूषण का डर: क्षेत्र के लोग प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट और धुआं से होने वाले जल-वायु प्रदूषण को लेकर आशंकित हैं। उन्हें डर है कि इससे उनकी उपजाऊ भूमि और पशुधन को नुकसान होगा।

मुआवजा और सुविधाएं: कुछ ग्रामीणों ने पूर्व में किए गए वादों के अनुरूप सुविधाएं और लंबित मुआवजा न मिलने की बात कही है।

प्रशासन और पुलिस के छूटे पसीने

प्रदर्शन की खबर मिलते ही पुलिस बल और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन ग्रामीण प्लांट प्रबंधन के उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।

मक्का हब में क्यों मचा है बवाल?

कोंडागांव मक्का उत्पादन में अग्रणी जिला है। किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम दिलाने के उद्देश्य से इस प्लांट की स्थापना की जा रही है। लेकिन, अब स्थानीय स्तर पर उपजे इस असंतोष ने परियोजना के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।

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