नगर निगम की सामान्य सभा में भारी हंगामा: 175 बेजा कब्जा हटाने के मुद्दे पर छिड़ा ‘संग्राम’, सदन के फर्श पर धरने पर बैठे कांग्रेस पार्षद…NV News

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रायपुर। राजधानी रायपुर नगर पालिक निगम की सामान्य सभा आज हंगामे की भेंट चढ़ गई। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 175 से अधिक बेजा कब्जा (अतिक्रमण) हटाने की कार्रवाई और इसमें कथित पक्षपात के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। हंगामा इतना बढ़ा कि सदन की कार्यवाही को बीच में ही रोकना पड़ा और नाराज कांग्रेस पार्षद विरोध स्वरूप सदन के भीतर ही धरने पर बैठ गए।

बेजा कब्जा हटाने में भेदभाव का आरोप

विपक्षी दल कांग्रेस के पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम प्रशासन और सत्ता पक्ष चुनिंदा तरीके से बेजा कब्जा हटाने की कार्रवाई कर रहे हैं। पार्षदों ने सवाल उठाया कि 175 से अधिक स्थानों को चिन्हित करने के बावजूद कार्रवाई में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। विपक्ष का कहना है कि गरीब तबके के लोगों के छोटे निर्माणों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि रसूखदारों के बड़े अतिक्रमणों पर चुप्पी साधी गई है।

सदन की कार्यवाही ठप, फर्श पर बैठे पार्षद

प्रश्नकाल के दौरान जैसे ही यह मुद्दा उठा, शोर-शराबा शुरू हो गया। महापौर और सभापति द्वारा पार्षदों को शांत कराने की कोशिशें नाकाम रहीं। कांग्रेस पार्षदों ने नारेबाजी करते हुए सदन के वेल में प्रवेश किया और बाद में फर्श पर ही बैठ गए। विपक्ष की मांग है कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया के लिए एक स्पष्ट और निष्पक्ष नीति बनाई जाए और अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा सदन के पटल पर रखा जाए।

सत्ता पक्ष की दलील

वहीं, सत्ता पक्ष के सदस्यों और निगम प्रशासन ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका तर्क है कि शहर के विकास और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए उच्च न्यायालय के निर्देशों और मास्टर प्लान के अनुरूप ही अतिक्रमण हटाया जा रहा है। सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाया है।

अहम मुद्दे जो हंगामे की वजह बने:

175 से अधिक चिन्हित बेजा कब्जा हटाने की सूची पर विवाद।

गरीबों के विस्थापन से पहले पुनर्वास की मांग।

निगम की वित्तीय स्थिति और सफाई व्यवस्था पर सवाल।

देर शाम तक सदन में गतिरोध बना रहा और सामान्य सभा की कार्यवाही बाधित रही।

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