Exclusive: छत्तीसगढ़ में 1400 छात्रों को बड़ा झटका! इस साल नहीं दे पाएंगे 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षा, शिक्षा विभाग के एक नियम ने फेरा पानी…NV News
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रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल (CGBSE) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने से ठीक पहले एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। प्रदेश के लगभग 1400 छात्र इस साल बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। शिक्षा विभाग के एक कड़े नियम के चलते इन छात्र-छात्राओं के एडमिट कार्ड (प्रवेश पत्र) रोक दिए गए हैं, जिससे उनका पूरा साल बर्बाद होने की स्थिति बन गई है।
75% उपस्थिति का ‘पेच’ बना रुकावट
मिली जानकारी के अनुसार, इस साल माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने 75% अनिवार्य उपस्थिति (Attendance) के नियम को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश भर के स्कूलों से मिले डेटा की स्क्रूटनी के बाद यह पाया गया कि करीब 1400 छात्रों की उपस्थिति निर्धारित मापदंडों से काफी कम है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों ने नियमित रूप से स्कूल अटेंड नहीं किया है, उन्हें मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
साल बर्बाद होने की आशंका से छात्र और अभिभावक परेशान
बोर्ड के इस फैसले के बाद प्रभावित छात्रों और उनके परिजनों में हड़कंप मच गया है। कई अभिभावकों का तर्क है कि स्वास्थ्य कारणों या अन्य पारिवारिक समस्याओं की वजह से छात्र स्कूल नहीं जा पाए थे, लेकिन विभाग अब किसी भी तरह की रियायत देने के मूड में नहीं दिख रहा है।
विभाग की दलील: “गुणवत्ता से समझौता नहीं”
शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि सत्र की शुरुआत में ही यह स्पष्ट कर दिया गया था कि बोर्ड परीक्षा के लिए अनिवार्य उपस्थिति जरूरी है। बार-बार चेतावनी और नोटिस जारी करने के बावजूद छात्रों की अटेंडेंस में सुधार नहीं हुआ। विभाग के अनुसार, यह नियम शिक्षा की गुणवत्ता और स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने के लिए लागू किया गया है।
मुख्य बिंदु:
प्रभावित छात्र: लगभग 1400 (10वीं और 12वीं मिलाकर)।
कारण: शालाओं में 75% से कम उपस्थिति।
स्थिति: एडमिट कार्ड जारी नहीं किए गए हैं।
इस फैसले के बाद अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या इन छात्रों को ‘प्राइवेट’ परीक्षार्थी के रूप में कोई विकल्प दिया जाएगा या उन्हें अगले साल का इंतजार करना होगा।
