आरंग में फाइलेरिया मुक्ति अभियान का आगाज: MDA कार्यक्रम के तहत घर-घर खिलाई जा रही दवा, स्वास्थ्य विभाग की बड़ी मुहीम…NV News
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आरंग। हाथीपांव जैसे गंभीर रोग को जड़ से मिटाने के लिए आरंग ब्लॉक में एमडीए (Mass Drug Administration) कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया है। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब घर-घर दस्तक दे रही हैं ताकि लक्षित आबादी को फाइलेरिया रोधी दवाओं की खुराक खिलाई जा सके।
सामूहिक दवा सेवन की अपील
कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि फाइलेरिया एक लाइलाज बीमारी है, लेकिन समय पर दवा का सेवन करने से इससे पूरी तरह बचा जा सकता है। आरंग के विभिन्न वार्डों और ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा डीईसी (DEC) और एल्बेंडाजोल की गोलियां वितरित की जा रही हैं। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि दवा का सेवन खाली पेट न करें और इसे स्वास्थ्य कर्मी के सामने ही खाएं।
फाइलेरिया: एक गंभीर चुनौती
हाथीपांव एक मच्छर के काटने से फैलने वाला संक्रमण है, जिसके लक्षण कई वर्षों बाद दिखाई देते हैं। एक बार पैर या शरीर के अन्य अंगों में सूजन आने के बाद इसे पूरी तरह ठीक करना मुश्किल होता है। इसीलिए, “सुरक्षा चक्र” के रूप में एमडीए कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
अभियान की मुख्य बातें:
डोर-टू-डोर कवरेज: स्वास्थ्य विभाग की टीमें हर घर पहुंचकर दवा खिलाना सुनिश्चित कर रही हैं।
पात्रता: 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी को यह दवा दी जा रही है।
जागरूकता: स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर रैली व बैठकों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग ने आरंग की जनता से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें और फाइलेरिया मुक्त समाज बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
