बड़ी उपलब्धि: शिक्षा सुधार के लिए बनी JPC के सदस्य नियुक्त हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विकसित भारत शिक्षा विधेयक पर देंगे राय…NV News
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Raipur: देश की शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से लाए जा रहे विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 (VBSA Bill) की समीक्षा के लिए संसद ने एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का गठन किया है। इस 31 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति में छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। यह नियुक्ति न केवल छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा नीति के निर्धारण में राज्य की भागीदारी को भी रेखांकित करती है।
इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य UGC, AICTE और NCTE जैसे मौजूदा नियामक निकायों को एक एकल ‘अम्ब्रेला’ कमीशन (VBSA) के तहत लाना है। समिति की अध्यक्षता भाजपा सांसद डी. पुरंदेश्वरी करेंगी। बृजमोहन अग्रवाल के साथ इस समिति में अनुराग ठाकुर, तेजस्वी सूर्या और बांसुरी स्वराज जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं। यह समिति विधेयक के प्रावधानों, विशेष रूप से उच्च शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता और केंद्रीयकरण जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कर अपनी रिपोर्ट संसद को सौंपेगी।
बृजमोहन अग्रवाल का लंबा विधायी अनुभव और पूर्व में शिक्षा मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल इस समिति के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा। उन्होंने हमेशा से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शिक्षकों के हितों की बात की है। हाल ही में उन्होंने छत्तीसगढ़ के बर्खास्त बीएड शिक्षकों के पक्ष में भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उनके पुनर्वास की मांग की थी। अब राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा सुधारों की समीक्षा में उनकी भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस महत्वपूर्ण विधेयक पर व्यापक विचार-विमर्श के लिए विपक्ष की मांगों के बाद इसे जेपीसी को भेजने का निर्णय लिया था। अब यह समिति विभिन्न हितधारकों से चर्चा करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि नया कानून देश की भावी पीढ़ी को वैश्विक मानकों के अनुरूप शिक्षा प्रदान करने में सक्षम हो। बृजमोहन अग्रवाल ने इस जिम्मेदारी के लिए शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि वे शिक्षा को सुलभ और उन्नत बनाने की दिशा में हर संभव प्रयास करेंगे।
