राजनांदगांव में हड़कंप: कलेक्ट्रेट के सामने शख्स ने किया आत्मदाह का प्रयास, ‘सामाजिक बहिष्कार’ से तंग आकर खुद पर छिड़का मिट्टी तेल…NV News
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Raipur: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक व्यक्ति ने कलेक्ट्रेट परिसर के सामने आत्मदाह का प्रयास किया। पीड़ित शख्स ने अचानक अपने ऊपर मिट्टी का तेल (केरोसिन) उड़ेल लिया, जिसे देख वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और राहगीरों के होश उड़ गए। सतर्क पुलिस जवानों ने तत्परता दिखाते हुए व्यक्ति को आग लगाने से पहले ही दबोच लिया और उसे हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद कलेक्ट्रेट की सुरक्षा व्यवस्था और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आत्मदाह का प्रयास करने वाला व्यक्ति स्थानीय समाज द्वारा किए गए ‘सामाजिक बहिष्कार’ से लंबे समय से परेशान था। पीड़ित का आरोप है कि समाज के प्रभावशाली लोगों ने उसे और उसके परिवार को जाति-बाहर कर दिया है, जिससे उनका हुक्का-पानी बंद हो गया है। उसने इस संबंध में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण वह गहरे मानसिक तनाव में था। न्याय न मिलने से हताश होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाने का फैसला किया।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने पीड़ित को समझा-बुझाकर शांत कराया और उसकी शिकायतों को फिर से दर्ज किया है। राजनांदगांव एसपी और कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित समाज के पदाधिकारियों को तलब करने और मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ में सामाजिक बहिष्कार की प्रथाओं के खिलाफ कड़े कानून होने के बावजूद, ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में इस तरह की कुरीतियाँ अभी भी पैर पसारे हुए हैं, जो मानवीय अधिकारों का सीधा उल्लंघन हैं।
फिलहाल, पीड़ित शख्स को पुलिस सुरक्षा में रखा गया है और उसे उचित काउंसलिंग दी जा रही है। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सामाजिक बहिष्कार करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह उजागर किया है कि जब सामाजिक समस्याओं का समय पर समाधान नहीं होता, तो वह किस तरह कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन जाती हैं। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी प्रशासन से अपील की है कि वे ऐसे मामलों में संवेदनशीलता बरतें ताकि किसी को ऐसा कदम न उठाना पड़े।
