अमित शाह की माओवादियों को खुली चेतावनी: ‘बस्तर की हुंकार तेलंगाना तक सुनाई दे’, 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प…NV News
Share this
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को बस्तर के जगदलपुर में आयोजित ‘बस्तर पंडुम-2026’ के समापन समारोह से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक युद्ध का शंखनाद किया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि बस्तर की यह हुंकार पड़ोसी राज्यों, विशेषकर तेलंगाना में छिपे माओवादियों के कानों तक पहुंचनी चाहिए। शाह ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार 31 मार्च 2026 तक भारत को नक्सलवाद के अभिशाप से पूरी तरह मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए सुरक्षा बल अंतिम प्रहार की तैयारी में हैं।
अमित शाह ने बस्तर की बदलती तस्वीर का जिक्र करते हुए कहा कि अब यहाँ गोलियों की गूँज नहीं, बल्कि विकास और लोक-उत्सवों का संगीत सुनाई देता है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक बस्तर को केवल लाल आतंक के लिए जाना गया, लेकिन वर्तमान डबल इंजन सरकार ने बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदूर गांवों तक पहुँचाया है। गृह मंत्री ने स्थानीय आदिवासियों को विश्वास दिलाया कि उनकी जल, जंगल और जमीन सुरक्षित रहेगी और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।
सामरिक दृष्टि से इस दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि शाह ने अंतर-राज्यीय समन्वय (Inter-state coordination) पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नक्सली अब सीमावर्ती इलाकों का सहारा लेकर बचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन छत्तीसगढ़, तेलंगाना, महाराष्ट्र और ओडिशा की पुलिस के साथ केंद्रीय बल एक साझा रणनीति के तहत काम कर रहे हैं। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ें और सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं, अन्यथा सुरक्षा बलों की कार्रवाई और तेज की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। शाह ने बस्तर पंडुम की भव्यता की सराहना करते हुए इसे जनजातीय गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर की संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए केंद्र सरकार हर संभव प्रयास करेगी। इस दौरे के बाद सुरक्षा गलियारों में हलचल तेज हो गई है, जिससे यह स्पष्ट है कि आगामी महीनों में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों का दबाव और अधिक बढ़ने वाला है।
