सिस्टम का क्रूर मजाक! 96 साल की जीवित बुजुर्ग महिला को बताया ‘मृत’, अब SDM कोर्ट में पेश होकर देना होगा जिंदा होने का सबूत…NV News

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छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में सरकारी मशीनरी की एक बड़ी लापरवाही ने 96 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजस्व विभाग की ओर से जारी एक नोटिस में जीवित महिला को ‘मृत’ बता दिया गया है। मामला तब प्रकाश में आया जब बुजुर्ग के हाथ में वह नोटिस पहुँचा जिसमें उन्हें मृत दर्शाया गया था। अब इस उम्र में, जब उन्हें आराम और देखभाल की जरूरत है, उन्हें अनुविभागीय अधिकारी (SDM) कार्यालय में पेश होकर यह साबित करना होगा कि वे अभी जीवित हैं।

यह मामला केवल एक लिपिकीय त्रुटि नहीं है, बल्कि सिस्टम की उस संवेदनहीनता को दर्शाता है जहाँ बिना भौतिक सत्यापन के किसी को भी कागजों पर ‘मार’ दिया जाता है। बताया जा रहा है कि जमीन या किसी सरकारी योजना से संबंधित प्रकरण में पटवारी या संबंधित जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें मृत मान लिया गया। नोटिस मिलने के बाद से बुजुर्ग महिला और उनका परिवार मानसिक रूप से परेशान है।

अब शासन के आदेशानुसार, 96 साल की इस बुजुर्ग को लाठी के सहारे SDM कार्यालय की चौखट तक पहुँचना होगा। वहां उन्हें अपनी पहचान के दस्तावेज और शारीरिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी ताकि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें फिर से ‘जीवित’ किया जा सके। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन के इस रवैये पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है और सवाल उठाया है कि आखिर किस आधार पर बिना जांच किए एक जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया गया।

इस खबर के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि, अधिकारी अब इसे तकनीकी खामी बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सवाल यह खड़ा होता है कि क्या 96 वर्षीय बुजुर्ग के लिए यह प्रक्रिया अपमानजनक और कष्टकारी नहीं है? समाज के जागरूक नागरिक मांग कर रहे हैं कि संबंधित लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई हो और प्रशासन खुद बुजुर्ग के घर जाकर इस गलती को सुधारे।

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