CG Breaking: रायपुर में ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी ने स्कूली बच्चों को कुचला; एक मासूम की मौके पर ही मौत, दूसरा गंभीर रूप से घायल…NV News
Share this
राजधानी रायपुर में आज सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पुलिस प्रशासन और सड़क सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आमासिवनी इलाके में ट्रैफिक पुलिस की एक तेज रफ्तार गाड़ी ने स्कूल जा रहे दो मासूम बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण टक्कर में एक बच्चे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा बच्चा गंभीर रूप से घायल है। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव और मातम का माहौल है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बच्चे अपने घर से स्कूल जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान ट्रैफिक पुलिस की सरकारी बोलेरो गाड़ी (जो कथित तौर पर तेज रफ्तार में थी) ने बच्चों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक मासूम बच्चा गाड़ी के नीचे आ गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दूसरे बच्चे को आनन-फानन में पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने सड़क पर जाम लगा दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का आरोप है कि शहर में ट्रैफिक सुधारने का जिम्मा संभालने वाली पुलिस की गाड़ियां ही अक्सर नियमों को ताक पर रखकर तेज रफ्तार में दौड़ती हैं। मौके पर पहुँची पुलिस टीम को भी जनता के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति को बिगड़ता देख इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गाड़ी को जब्त कर लिया गया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। यह भी जांच की जा रही है कि दुर्घटना के समय गाड़ी कौन चला रहा था और गाड़ी की रफ्तार क्या थी। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है।
इस घटना ने एक बार फिर रायपुर की सड़कों पर वाहनों की अनियंत्रित गति और सुरक्षा मानकों पर सवालिया निशान लगा दिया है। जब खुद रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे ही नजर आती है। स्थानीय नागरिक प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि स्कूल जोन में वाहनों की गति पर कड़ा अंकुश लगाया जाए और आरोपी पुलिसकर्मी को सख्त से सख्त सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।
