बस्तर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी: बीजापुर मुठभेड़ में खूंखार नक्सली कमांडर उधम सिंह ढेर, मौके से AK-47 बरामद…NV News
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छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ जारी निर्णायक जंग में सुरक्षाबलों को आज एक और बड़ी सफलता मिली है। बीजापुर जिले के दक्षिण बस्तर स्थित पेद्दागेलुर और चिन्नागेल्लूर के जंगलों में आज सुबह से डीआरजी (DRG) और सीआरपीएफ (CRPF) कोबरा कमांडो की संयुक्त टीम और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इस गोलीबारी में कुख्यात नक्सली कमांडर और डिवीजनल कमेटी (DVC) मेंबर उधम सिंह के मारे जाने की खबर सामने आ रही है।
पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि पेद्दागेलुर के जंगलों में भारी संख्या में हथियारबंद नक्सली जमा हुए हैं। इसी सूचना के आधार पर जवानों ने इलाके की घेराबंदी शुरू की। जैसे ही सुरक्षाबल नक्सलियों के करीब पहुंचे, माओवादियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। लगभग कई घंटों तक चली इस रुक-रुक कर हुई गोलीबारी में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को तगड़ी शिकस्त दी है।
बस्तर आईजी पी. सुंदरराज और बीजापुर एसपी ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना स्थल से अब तक एक नक्सली का शव बरामद किया गया है, जिसकी पहचान प्राथमिक तौर पर उधम सिंह के रूप में की जा रही है। उधम सिंह बस्तर में कई बड़ी घटनाओं का मास्टरमाइंड रहा है और उस पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से एक AK-47 राइफल और भारी मात्रा में विस्फोटक व नक्सली सामग्री भी बरामद की है।
मुठभेड़ के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि गोलीबारी में कुछ अन्य नक्सली भी घायल हुए हैं, जिन्हें उनके साथी घने जंगलों की आड़ में लेकर भाग निकले हैं। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और अतिरिक्त बैकअप टीम को मौके पर भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही मारे गए नक्सलियों की सटीक संख्या और उनकी पहचान के बारे में अधिकृत जानकारी दी जाएगी।
यह मुठभेड़ ऐसे समय में हुई है जब केंद्रीय गृह मंत्री और राज्य सरकार ने मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे का संकल्प लिया है। साल 2026 की शुरुआत से ही सुरक्षाबल बस्तर के उन इलाकों में घुसकर ऑपरेशन चला रहे हैं जो अब तक नक्सलियों का ‘सेफ जोन’ माने जाते थे। उधम सिंह जैसे बड़े कैडर के नक्सली के ढेर होने से माओवादी संगठन को दक्षिणी बस्तर में बड़ा झटका लगा है।
