अंधविश्वास ने बनाया अपराधी: तांत्रिक के ‘मायाजाल’ में फंसे तो गंवाए 2.5 लाख, ठगी का एहसास हुआ तो पीड़ित ही बन गए लुटेरे…NV News
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Raipur: अंधविश्वास की जड़ें समाज में कितनी गहरी और खतरनाक हो सकती हैं, इसका एक जीता-जागता उदाहरण सामने आया है। एक ऐसी घटना जहाँ ठगी का शिकार हुए लोग खुद कानून को अपने हाथ में लेकर अपराधी बन गए। दरअसल, कुछ युवकों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक कथित तांत्रिक पर भरोसा किया और उसके तंत्र-मंत्र के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई के 2.5 लाख रुपये उसे सौंप दिए। लेकिन जब काफी समय बीत जाने के बाद भी तांत्रिक के ‘चमत्कार’ काम नहीं आए और उन्हें ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने पुलिस के पास जाने के बजाय अपराध का रास्ता चुन लिया।
घटना की शुरुआत तब हुई जब युवकों को तांत्रिक ने जल्द अमीर बनने या संकट दूर करने का लालच देकर अपने जाल में फंसाया। तंत्र क्रिया के नाम पर धीरे-धीरे उनसे मोटी रकम वसूल ली गई। जब युवकों को समझ आया कि उन्हें बेवकूफ बनाया गया है, तो उनके सिर पर खून सवार हो गया। उन्होंने तांत्रिक से अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन वहां से दुत्कार मिलने के बाद उन्होंने साजिश रची। ठगी का बदला लेने और अपने पैसे वसूलने की सनक में इन युवकों ने मिलकर लूटपाट की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया, ताकि वे अपने नुकसान की भरपाई कर सकें।
पुलिस ने जब हालिया लूटपाट की घटनाओं की जांच शुरू की, तो कड़ियां जुड़ती गईं और इन ‘नौसिखिए लुटेरों’ तक जा पहुंची। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उनसे कड़ाई से पूछताछ की, तो इस पूरी अजब कहानी का खुलासा हुआ। आरोपियों ने कबूल किया कि वे पहले खुद पीड़ित थे और तांत्रिक ने उन्हें कंगाल कर दिया था। समाज के डर और कानूनी प्रक्रिया की लंबी अवधि के डर से उन्होंने तांत्रिक को सबक सिखाने और पैसे जुटाने के लिए खुद हथियार उठा लिए। पुलिस ने इनके पास से लूट का माल और हथियार भी बरामद किए हैं।
यह मामला समाज के लिए एक बड़ा सबक है कि कैसे अंधविश्वास न केवल आर्थिक हानि पहुंचाता है, बल्कि अच्छे-खासे लोगों को अपराध की दलदल में भी धकेल सकता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि युवकों ने समय रहते ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई होती, तो आज वे सलाखों के पीछे नहीं होते। फिलहाल, पुलिस उस कथित तांत्रिक की भी तलाश कर रही है जिसने इस पूरे घटनाक्रम की नींव रखी थी। आरोपियों पर लूट और डकैती की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
