मौसम अलर्ट: देश के 10 राज्यों में बारिश और 50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी का अलर्ट, 14 फरवरी तक नहीं मिलेगी ठंड से राहत…NV News

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Raipur: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर और मध्य भारत के 10 राज्यों के लिए भारी बारिश और तेज हवाओं का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के कारण अगले 48 घंटों में मौसम में बड़े बदलाव की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में गरज-चमक के साथ बर्फबारी और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इन राज्यों में बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मैदानी इलाकों की बात करें तो उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ, प्रयागराज और कानपुर सहित कई जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से चलने वाली झोंकेदार हवाएं जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं। दिल्ली में सोमवार सुबह से ही तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है, जिससे ठिठुरन बढ़ गई है। विभाग का कहना है कि इस मौसमी हलचल के कारण दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

बिहार और ओड़िशा जैसे पूर्वी राज्यों में शीतलहर और घने कोहरे का डबल अटैक देखने को मिलेगा। बिहार के 21 जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे रहने और बर्फीली हवाएं चलने का अलर्ट है। मध्य प्रदेश में भी करीब 20 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) की आशंका जताई गई है, जो फसलों के लिए चिंता का विषय हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के लगातार आने से इस बार फरवरी के दूसरे सप्ताह तक कड़ाके की ठंड बनी रहेगी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि वैलेंटाइन डे यानी 14 फरवरी तक उत्तर भारत के लोगों को गर्म कपड़ों से राहत मिलने की उम्मीद कम है।

मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है, क्योंकि बर्फबारी के कारण रास्ते बंद होने और फिसलन बढ़ने का खतरा है। वहीं, मैदानी इलाकों के किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और सिंचाई के कार्यों में सावधानी बरतें। इस बेमौसम बारिश और आंधी के कारण वायु गुणवत्ता (AQI) में तो सुधार होने की उम्मीद है, लेकिन स्वास्थ्य के नजरिए से यह बदलाव वायरल बीमारियों का कारण बन सकता है। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

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