राजिम कुंभ कल्प 2026 का शंखनाद: त्रिवेणी संगम पर महाआरती के साथ हुआ भव्य शुभारंभ, आस्था के सैलाब से सराबोर हुई धर्मनगरी…NV News

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Raipur: छत्तीसगढ़ की पावन धर्मनगरी राजिम में ‘राजिम कुंभ कल्प 2026’ का भव्य और आध्यात्मिक आगाज हो गया है। महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के पवित्र त्रिवेणी संगम पर आयोजित भव्य महाआरती के साथ इस मेले का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस दौरान पूरा संगम तट हजारों दीपों की रोशनी से जगमगा उठा और मंत्रोच्चार के बीच वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। राज्य शासन के मंत्रियों और साधु-संतों की उपस्थिति में इस 15 दिवसीय महोत्सव की औपचारिक शुरुआत की गई।

राजिम कुंभ कल्प के पहले ही दिन श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। संगम के पावन जल में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राजीव लोचन और कुलेश्वर महादेव के दर्शन किए। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। कुंभ क्षेत्र में संतों के लिए विशेष शाही निवास और कल्पवासियों के लिए रुकने की व्यवस्था की गई है। इस वर्ष कुंभ को ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की झलक और पारंपरिक वैभव के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है।

महोत्सव के दौरान हर शाम त्रिवेणी संगम पर बनारस की तर्ज पर महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जो मुख्य आकर्षण का केंद्र है। इसके साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक मंचों पर छत्तीसगढ़ी लोक कला और भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। कुंभ मेले में इस बार आधुनिकता और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है, जहाँ लेजर शो के जरिए राजिम के आध्यात्मिक इतिहास को दर्शाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने स्वास्थ्य, स्वच्छता और पेयजल की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित की है।

राजिम कुंभ कल्प केवल एक मेला नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक है। आने वाले दिनों में यहाँ शाही स्नान (पुन्नी मेला) के अवसर पर देश भर से नागा साधु और विभिन्न अखाड़ों के प्रमुख शामिल होंगे। पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में विदेशी पर्यटक और देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहाँ पहुंचेंगे। यह महोत्सव महाशिवरात्रि के पावन पर्व तक चलेगा, जो श्रद्धालुओं के लिए अटूट श्रद्धा और विश्वास का केंद्र बना रहेगा।

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