महतारी वंदन योजना के 2 साल बेमिसाल: 70 लाख महिलाओं के सपनों को मिले पंख, अब तक ₹15,000 करोड़ से अधिक की सीधी सहायता…NV News
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1 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा शुरू की गई ‘महतारी वंदन योजना’ ने आज अपने दो वर्ष का गौरवशाली सफर पूरा कर लिया है। इस योजना ने न केवल ग्रामीण बल्कि शहरी महिलाओं के जीवन में भी बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया है। हर महीने की पहली तारीख को महिलाओं के खाते में आने वाले 1,000 रुपये ने उन्हें छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने की मजबूरी से आजाद कर दिया है।
24वीं किस्त जारी: अब तक ₹15,595 करोड़ का वितरण
योजना के दो साल पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 30 जनवरी 2026 को योजना की 24वीं किस्त डीबीटी (DBT) के माध्यम से जारी की। इस बार प्रदेश की 68,39,592 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में कुल 641.34 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई। इसके साथ ही योजना के प्रारंभ से अब तक कुल वितरित राशि का आंकड़ा 15,595 करोड़ रुपये के पार पहुँच गया है, जो राज्य के इतिहास में महिला कल्याण के लिए खर्च की गई सबसे बड़ी राशि है।
महिलाओं के आत्मविश्वास में जबरदस्त बढ़ोतरी
इस योजना का सबसे बड़ा प्रभाव महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक स्तर पर पड़ा है। 21 वर्ष से अधिक आयु की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त महिलाओं को मिलने वाली इस सहायता ने उनके निर्णय लेने की क्षमता (Decision Making) को बढ़ाया है। आज गाँव की महिलाएं इस पैसे का उपयोग बच्चों की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और छोटे स्तर पर स्वरोजगार के लिए कर रही हैं। यह योजना प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी ‘लिक्विडिटी’ बनाए रखने में सहायक सिद्ध हुई है।
पारदर्शिता और सुशासन का मॉडल
महतारी वंदन योजना अपनी पूर्ण पारदर्शिता के लिए भी जानी जाती है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और आधार लिंक्ड डीबीटी पर आधारित है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि माताओं-बहनों के प्रति सरकार के सम्मान का प्रतीक है। सरकार ने सुनिश्चित किया है कि कोई भी पात्र महिला तकनीकी कारणों से इस लाभ से वंचित न रहे, इसके लिए समय-समय पर शिविर भी लगाए जाते हैं।
भविष्य की ओर कदम: सशक्त छत्तीसगढ़
महतारी वंदन योजना की सफलता के बाद अब सरकार इसके दायरे को और मजबूत करने पर विचार कर रही है। ‘नियद नेल्ला नार’ जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की महिलाओं को भी मुख्यधारा से जोड़कर इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। 2 साल पूरे होने पर प्रदेश भर में ‘महतारी वंदन उत्सव’ जैसा माहौल है। यह योजना अब छत्तीसगढ़ की पहचान बन चुकी है, जो आने वाले वर्षों में विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में आधार स्तंभ का काम करेगी।
