दबंगई: दुर्ग में मजदूरों को बंधक बनाकर पीटा, ठेकेदार ने हड़पे 3.85 लाख और डायरी जलाकर दी गोली मारने की धमकी…NV News
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Raipur: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में राजस्थान से कपास तोड़ने आए मजदूरों के साथ अमानवीय व्यवहार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित मजदूरों का आरोप है कि काम पूरा होने के बाद जब उन्होंने अपने पसीने की कमाई मांगी, तो ठेकेदार ने उन्हें पैसे देने के बजाय बंधक बना लिया। मजदूरों ने बताया कि उनके 3 लाख 85 हजार रुपये बकाया थे, जिसे हड़पने की नीयत से ठेकेदार ने उनके साथ जमकर मारपीट की। इस घटना ने एक बार फिर अंतरराज्यीय प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और उनके शोषण की दर्दनाक हकीकत को उजागर कर दिया है।
मजदूरों के अनुसार, ठेकेदार की दबंगई यहीं नहीं रुकी; उसने सबूत मिटाने के लिए हिसाब-किताब वाली डायरी को आग के हवाले कर दिया ताकि पैसों का कोई रिकॉर्ड न रहे। जब मजदूरों ने विरोध किया, तो उन्हें गोली मारने की धमकी देकर चुप कराने की कोशिश की गई। पीड़ितों ने बताया कि वे अपने परिवार का पेट पालने के लिए राजस्थान से दुर्ग आए थे, लेकिन यहाँ उन्हें बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया। किसी तरह ठेकेदार के चंगुल से छूटकर मजदूरों ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई है।
इस मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। मजदूरों ने आपबीती सुनाते हुए ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपनी बकाया राशि वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपी ठेकेदार के खिलाफ बंधक बनाने, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के संबंध में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मजदूरों के शोषण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
यह घटना छत्तीसगढ़ में काम कर रहे बाहरी मजदूरों के बीच डर का माहौल पैदा कर रही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि ठेकेदारों के पंजीकरण और मजदूरों के भुगतान की निगरानी के लिए सख्त नियम बनाए जाएं ताकि भविष्य में किसी अन्य गरीब मजदूर को इस तरह की प्रताड़ना न झेलनी पड़े। फिलहाल, पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और जले हुए साक्ष्यों को बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
