भिलाई में डिजिटल लापरवाही: WhatsApp पर एक्स-रे देखकर कर दिया मासूम का ‘इलाज’, गलत प्लास्टर से सूजन और दर्द से बेहाल हुआ बच्चा…NV News
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भिलाई: आज के डिजिटल युग में स्वास्थ्य सेवाओं का ऑनलाइन होना सुविधा तो है, लेकिन बिना शारीरिक परीक्षण के गंभीर इलाज करना जानलेवा साबित हो सकता है। भिलाई में एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहां एक डॉक्टर ने मानवता और चिकित्सा सिद्धांतों को ताक पर रखते हुए WhatsApp पर भेजे गए एक्स-रे को देखकर बच्चे के हाथ पर प्लास्टर चढ़ाने की सलाह दे दी। नतीजा यह हुआ कि मासूम का दर्द कम होने के बजाय बढ़ गया और हाथ में गंभीर सूजन व संक्रमण का खतरा पैदा हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, बच्चे के हाथ में चोट लगने के बाद परिजनों ने स्थानीय स्तर पर एक्स-रे कराया। भागदौड़ से बचने के लिए परिजनों ने एक्स-रे की फोटो डॉक्टर को WhatsApp पर भेज दी। डॉक्टर ने भी क्लिनिक बुलाने या खुद देखने के बजाय फोन पर ही स्थिति को ‘फ्रैक्चर’ बता दिया और प्लास्टर चढ़ाने के निर्देश दे दिए।
गलत डायग्नोसिस: बिना छुए और बिना सूजन या नस की स्थिति जांचे चढ़ाया गया प्लास्टर बच्चे के लिए मुसीबत बन गया।
मासूम की तड़प: प्लास्टर चढ़ने के कुछ ही घंटों बाद बच्चे का हाथ बुरी तरह सूज गया और वह दर्द से चीखने लगा। जब परिजनों ने दूसरे अस्पताल में दिखाया, तो पता चला कि प्लास्टर गलत तरीके से या गलत जगह चढ़ाया गया था, जिससे रक्त संचार (Blood Circulation) प्रभावित हो रहा था।
चिकित्सा जगत पर सवाल
यह घटना उन डॉक्टरों के लिए एक चेतावनी है जो क्लिनिक में भीड़ कम करने या सुविधा के लिए WhatsApp पर ‘पर्चा’ लिख देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑर्थोपेडिक मामलों में हड्डी की स्थिति के साथ-साथ आसपास के टिश्यूज (Tissues) को देखना अनिवार्य होता है, जो फोटो में संभव नहीं है।
परिजनों का आक्रोश: पीड़ित परिवार अब इस लापरवाही के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। उनका कहना है कि डॉक्टर की एक छोटी सी लापरवाही उनके बच्चे के हाथ को हमेशा के लिए खराब कर सकती थी।
