रायपुर में भीषण औद्योगिक हादसा: रियल इस्पात प्लांट के कोयला भट्टे में जोरदार विस्फोट, 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत, कई घायल…

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रायपुर (सिलतरा): राजधानी रायपुर के धरसींवा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ स्थित रियल इस्पात एंड पावर प्लांट के कोयला भट्टे (Furnace) में अचानक हुए जोरदार धमाके ने 6 मजदूरों की जान ले ली। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और प्लांट के भीतर काम कर रहे अन्य कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। इस हादसे में कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब मजदूर कोयला भट्टी के पास काम कर रहे थे। अचानक भट्टी के भीतर दबाव बढ़ने या तकनीकी खराबी के कारण गैस रिसाव के बाद जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की चपेट में आने से मौके पर मौजूद 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और राहत बचाव की टीमें मौके पर पहुँचीं। प्लांट के भीतर बचाव कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया गया और मलबे में दबे या घायल मजदूरों को बाहर निकाला गया।

हादसे के मुख्य बिंदु और जांच:

भीषण विस्फोट: चश्मदीदों के अनुसार धमाका इतना तेज था कि प्लांट की छत और दीवारों का कुछ हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया।

मजदूरों की शिनाख्त: मृतकों में कुछ स्थानीय और कुछ अन्य राज्यों के श्रमिक शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी शिनाख्त कर परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया में जुटी है।

सुरक्षा मानकों पर सवाल: इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि प्लांट में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और मजदूरों से जोखिम भरे माहौल में काम कराया जा रहा था।

प्रशासनिक कार्रवाई: जिला प्रशासन ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर विस्फोट के तकनीकी कारणों का पता लगा रही है।

मुआवजे की मांग: हादसे के बाद स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों में भारी आक्रोश है। उन्होंने मृतक परिवारों के लिए उचित मुआवजे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

प्लांट प्रबंधन की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। रायपुर एसएसपी और कलेक्टर ने स्थिति का जायजा लिया है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। औद्योगिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते भट्टी का मेंटेनेंस और सुरक्षा ऑडिट किया जाता, तो शायद इन मासूम जिंदगियों को बचाया जा सकता था।

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