इन्दौर का ‘करोड़पति भिखारी’: 1.25 करोड़ का बंगला, सोने के जेवर और आलीशान लाइफस्टाइल, हकीकत जान फटी रह जाएंगी आंखें….NV News
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इन्दौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर इन्दौर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। यहाँ सड़कों पर भीख मांगने वाले एक शख्स, मांगीलाल की असलियत जब सामने आई, तो पुलिस और नगर निगम की टीम भी दंग रह गई। जिसे लोग बेसहारा समझकर पैसे देते थे, वह असल में करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला। मांगीलाल के पास न केवल अपना आलीशान बंगला है, बल्कि उसका बैंक बैलेंस भी किसी रईस कारोबारी से कम नहीं है।
भिखारी मुक्त अभियान के तहत जब टीम ने मांगीलाल को पकड़ा, तब उसकी छानबीन में चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच में पता चला कि मांगीलाल के पास इन्दौर के प्राइम लोकेशन पर करीब 1.25 करोड़ रुपये की कीमत का एक दो मंजिला मकान है। इतना ही नहीं, उसके घर की तलाशी के दौरान कीमती सामान और बैंक खातों के दस्तावेज भी मिले हैं। वह सालों से इन्दौर की सड़कों और मंदिरों के बाहर भीख मांगकर अपनी ‘जायदाद’ खड़ी कर रहा था।
मांगीलाल की जीवनशैली किसी सामान्य भिखारी जैसी नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, वह दिन भर भीख मांगता था और शाम को अपने आलीशान घर लौट जाता था। उसके बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और परिवार के पास सुख-सुविधा के तमाम साधन मौजूद हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि फटेहाल दिखने वाले इस शख्स के पीछे इतना बड़ा ‘साम्राज्य’ छिपा होगा। मांगीलाल का यह मामला सामने आने के बाद ‘भीख मांगने’ को एक संगठित पेशे के रूप में देखा जा रहा है।
प्रशासन की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि मांगीलाल अकेले नहीं, बल्कि उसका पूरा नेटवर्क इस काम में लगा हो सकता है। इन्दौर नगर निगम ने अब शहर के अन्य प्रमुख चौराहों पर सक्रिय भिखारियों की कुंडली खंगालना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का मानना है कि कई लोग गरीबी का ढोंग कर लोगों की भावनाओं से खेलते हैं और अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करते हैं। मांगीलाल को फिलहाल काउंसलिंग और पुनर्वास केंद्र भेजने की प्रक्रिया की जा रही है, साथ ही उसकी अवैध संपत्ति की भी जांच हो सकती है।
यह कहानी उन लोगों के लिए एक बड़ी सीख है जो बिना सोचे-समझे सड़कों पर दान देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दान हमेशा सही और जरूरतमंद संस्थाओं को देना चाहिए, ताकि वह वास्तव में किसी का जीवन सुधार सके। मांगीलाल जैसे ‘करोड़पति भिखारी’ समाज के उस सच को उजागर करते हैं जहाँ मजबूरी का मुखौटा पहनकर धोखाधड़ी का खेल खेला जा रहा है। इन्दौर पुलिस अब इस मामले के जरिए शहर को पूर्णतः भिखारी मुक्त बनाने की दिशा में कड़े कदम उठा रही है।
