‘ब्रदर’ MBZ का 2 घंटे का दिल्ली दौरा: एयरपोर्ट पर गले मिले मोदी-नाहयान, गाजा शांति और ‘आकाश’ मिसाइल डील पर टिकी दुनिया की नजरें…NV News
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संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (MBZ) सोमवार को महज दो घंटे के संक्षिप्त लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण दौरे पर भारत पहुंचे। राजधानी दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर प्रोटोकॉल तोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद अपने ‘भाई’ नाहयान का गर्मजोशी से गले मिलकर स्वागत किया। हालांकि यह दौरा समय के लिहाज से काफी छोटा है, लेकिन इसकी ‘टाइमिंग’ और वैश्विक समीकरणों को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में इसकी चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है।
इस संक्षिप्त दौरे के केंद्र में पश्चिम एशिया (मिडल-ईस्ट) के बदलते हालात हैं। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गाजा में शांति बहाली के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) के गठन का ऐलान किया है, जिसमें भारत और यूएई दोनों को महत्वपूर्ण भूमिका के लिए आमंत्रित किया गया है। जानकार मानते हैं कि नाहयान का यह दौरा इसी शांति योजना में भारत की भागीदारी और अमेरिका के साथ मिलकर एक नया क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
आर्थिक और रक्षा मोर्चे पर भी यह मुलाकात बेहद खास है। भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 बिलियन डॉलर के पार पहुँच चुका है। चर्चा है कि इस बैठक में भारत के ‘आकाश’ एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की खरीद पर अंतिम मुहर लग सकती है, जिसे यूएई अपनी सुरक्षा के लिए खरीदना चाहता है। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्रा (रुपया-दिरहम) में व्यापार को और अधिक विस्तार देने और ऊर्जा सुरक्षा के तहत दीर्घकालिक तेल आपूर्ति समझौतों पर भी गहन बातचीत हुई।
यह पिछले एक दशक में शेख मोहम्मद बिन जायद की पांचवीं भारत यात्रा है, जो दोनों नेताओं के बीच गहरे निजी तालमेल को दर्शाती है। शाम 4:20 बजे दिल्ली पहुंचे नाहयान ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ लोक कल्याण मार्ग पर द्विपक्षीय वार्ता की और शाम 6:05 बजे वे वापस रवाना हो गए। महज 120 मिनट की इस मुलाकात ने यह साफ कर दिया है कि भारत अब अरब देशों और पश्चिम की कूटनीति के बीच एक मजबूत सेतु (Bridge) के रूप में उभर रहा है, जहाँ हर मिनट का फैसला वैश्विक राजनीति को प्रभावित करने वाला है।
