High Court Notice: हाई कोर्ट के आदेश को ठेंगा? NIT के डायरेक्टर–रजिस्ट्रार पर गिरी अवमानना की गाज

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बिलासपुर। NIT Raipur Contempt Case, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक गंभीर मामले में NIT रायपुर के डायरेक्टर और रजिस्ट्रार को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। मामला न्यायालयीन आदेश की अवहेलना से जुड़ा है, जिसे कोर्ट ने प्रथम दृष्टया गंभीर माना है।

क्या है पूरा मामला?

NIT Raipur Registrar Suspension, एनआईटी रायपुर के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. आरिफ खान ने अधिवक्ता हमीदा सिद्धीकी के माध्यम से हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद उन्हें पदभार ग्रहण नहीं करने दिया गया।

2021 में हुई थी नियुक्ति

डॉ. आरिफ खान वर्ष 2021 में NIT रायपुर में रजिस्ट्रार नियुक्त हुए थे। नियमानुसार यह नियुक्ति 5 वर्षों के लिए होती है, जिसे हर साल परफॉर्मेंस रिव्यू के आधार पर आगे बढ़ाया जाता है।

बिना कारण किया गया निलंबन

NIT Raipur Registrar Suspension, याचिका के अनुसार, बेदाग कार्यकाल के बावजूद डॉ. खान को बिना कोई कारण बताए निलंबित कर दिया गया। इस निलंबन आदेश को उन्होंने वर्ष 2023 में हाई कोर्ट में चुनौती दी।

कश्मीर यूनिवर्सिटी में ज्वाइनिंग

Administration Controversy, हाई कोर्ट में मामला लंबित रहने के दौरान डॉ. खान को यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर से फाइनेंस ऑफिसर के पद का प्रस्ताव मिला। इसे स्वीकार कर उन्होंने वहां कार्यभार संभाल लिया।

2025 में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

Administration Controversy, वर्ष 2025 में बिलासपुर हाई कोर्ट ने NIT द्वारा जारी निलंबन आदेश को अवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया।

कोर्ट ने डॉ. खान को विकल्प दिया कि वे:

चाहें तो कश्मीर यूनिवर्सिटी में कार्य जारी रखें, या

फिर NIT रायपुर में रजिस्ट्रार पद पर पुनः ज्वाइन करें

ज्वाइनिंग से किया इनकार

NIT Raipur News, हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद डॉ. आरिफ खान ने यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर से इस्तीफा देकर NIT रायपुर में कार्यग्रहण के लिए आवेदन किया।

आरोप है कि डायरेक्टर डॉ. नारापराजू वेंकट रमन राव और तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. नरेंद्र दिगम्बर लोधे ने हाई कोर्ट के आदेश की अनदेखी करते हुए ज्वाइनिंग देने से इनकार कर दिया।

अवमानना याचिका से मचा हड़कंप

NIT Raipur News, इसके बाद डॉ. खान ने एक बार फिर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और डायरेक्टर व रजिस्ट्रार के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की।

मामले को गंभीरता से लेते हुए हाई कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान

Court Order Violation, हाई कोर्ट ने साफ किया है कि न्यायालयीन आदेश की अवहेलना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अवमानना सिद्ध होने पर: जुर्माना, कारावास, या फिर दोनों सजा एक साथ दी जा सकती है।

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